गलगलिया(किशनगंज) से विवेक चौधरी की रिपोर्ट
Flood Alert: नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का असर अब भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में साफ दिखने लगा है. लगातार हो रही वर्षा के कारण मेची नदी उफान पर है और इसके बढ़ते जलस्तर ने किशनगंज जिले के गलगलिया समेत सीमावर्ती दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है. नदी के अचानक बढ़े जलस्तर ने ग्रामीणों के साथ-साथ सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है.
सीमा चौकियों पर चौकसी, हर गतिविधि पर नजर
भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा संभाल रही 41वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की भक्सरभिट्ठा और नेमुगुरी लागराडूबा सीमा चौकियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है. एसएसबी के जवान लगातार मेची नदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
ग्रामीणों की बढ़ी बेचैनी, खेत और घरों पर खतरा
गलगलिया और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मेची नदी का पानी रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि में घुस सकता है. इससे न केवल जनजीवन प्रभावित होगा, बल्कि किसानों की खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रखंड प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जिला परिषद प्रतिनिधि अहमद हुसैन, मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना सिंह, गलगलिया थानाध्यक्ष राकेश कुमार और एसएसबी के अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है. साथ ही किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का मानना है कि यदि नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश जारी रही तो आने वाले दिनों में मेची नदी और विकराल रूप ले सकती है, जिससे सीमावर्ती गांवों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है.
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