सगे भाई ने ही रची थी मंजर की हत्या की साजिश, सुपारी किलर समेत पांच गिरफ्तार
सगे भाई ने ही रची थी मंजर की हत्या की साजिश, सुपारी किलर समेत पांच गिरफ्तार
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
तीन लाख में दी थी जान लेने की सुपारी; पुरानी रंजिश में भाई ही बना भाई का काल
किशनगंज. जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में बीते तीन फरवरी को मंजर आलम की हुई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मृतक का सगा भाई ही मुख्य साजिशकर्ता निकला. बुधवार की रात पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर इन्हें दबोच लिया.
सड़क किनारे मिला था शव, एसपी ने किया खुलासा
गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी संतोष कुमार ने बताया कि झिलझिली गांव निवासी मंजर आलम का शव तीन फरवरी की रात निशांदरा के पास सड़क किनारे मिला था. मृतक की पत्नी परवीन बेगम के आवेदन पर पुलिस ने कांड दर्ज किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ गौतम कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था. तकनीकी साक्ष्य और मानवीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्यारों तक पहुंचने में सफलता हासिल की.
तीन लाख की सुपारी देकर करायी हत्या
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक के सगे भाई संजर आलम ने ही अपने भाई को रास्ते से हटाने के लिए अपने साथी मोहम्मद मुनवर को तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी. सुपारी मिलने के बाद आरोपितों ने मंजर को एक सुनसान जगह पर ले जाकर डंडे से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया. हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन नष्ट कर दिए व शव को नदी में फेंकने की कोशिश की थी, लेकिन सफल नहीं हो सके.
पुरानी रंजिश व नफरत बनी वजह
पुलिस के अनुसार, मंजर व उसके भाई संजर के बीच काफी समय से पुरानी रंजिश चल रही थी. संजर अपने भाई को पसंद नहीं करता था. उसकी नजर में मंजर एक अच्छा व्यक्ति नहीं था. इसी नफरत की आग में जलकर संजर ने भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
बरामदगी व पुलिस टीम
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा, दो बाइक व मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. गिरफ्तार आरोपितों में मुख्य साजिशकर्ता संजर आलम (32 वर्ष), सुपारी किलर बाबू आलम (28 वर्ष), मुनवर आलम (21 वर्ष), शहबाज आलम (27 वर्ष) और नफीस आलम (27 वर्ष) शामिल हैं.
टीम में शामिल अधिकारी :
एसडीपीओ गौतम कुमार, बहादुरगंज थानाध्यक्ष संदीप कुमार, अवर निरीक्षक दिलशाद खान, रंजीत कुमार भारती, सावित्री कुमारी, प्रियंका कुमारी, शत्रुघ्न कुशवाहा, प्रमोद कुमार यादव, रामबाबू चौधरी, प्रशिक्षु अवर निरीक्षक नेहा भारती व तकनीकी सेल के जवान इस सफल कार्रवाई में शामिल थे.