मूसलाधार बारिश के चलते कोलकाता से उत्तर बंगाल, सीमांचल और पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाला मुख्य रेल खंड बुरी तरह प्रभावित हो गया है. पूर्व रेलवे (ER) के अंतर्गत तिलडांगा रेलवे स्टेशन और न्यू फरक्का जंक्शन के बीच रेलवे ट्रैक धंसने की गंभीर सूचना के बाद सियालदह एवं हावड़ा रेलखंड से आने वाली ट्रेनों की रफ्तार थम गई है. ट्रैक की नाजुक स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन को आपातकालीन वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ी है, जिसके कारण कोलकाता की ओर से आने वाली ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं.
कैसे चलाया जा रहा है ट्रेनों का वैकल्पिक रूट?
ट्रैक के धंसने के बाद रेलवे परिचालन विभाग ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रूट और इंजन में बदलाव किया है:
- बल्लालपुर में बदला जा रहा इंजन: सियालदह व हावड़ा की दिशा से आने वाली ट्रेनों को पहले तिलडांगा से बल्लालपुर रेलवे स्टेशन लाया जा रहा है.
- न्यू फरक्का के रास्ते रवानगी: बल्लालपुर में ट्रेनों का इंजन बदलने (रिवर्सल) के बाद उन्हें न्यू फरक्का जंक्शन होते हुए मालदा टाउन व आगे की ओर रवाना किया जा रहा है.
- ऑपरेशनल देरी: रास्ते में बार-बार इंजन बदलने और लूप-रूट से गुजरने के कारण ट्रेनों का सामान्य शेड्यूल पूरी तरह ध्वस्त हो गया है.
दार्जिलिंग मेल से कर्मभूमि तक: घंटों की देरी से चल रहीं प्रमुख ट्रेनें
रूट में हुए बदलाव और कॉशन ऑर्डर के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों के पहिए सुस्त पड़ गए हैं:
| ट्रेन का नाम (Train Name) | संभावित देरी (Running Delay) |
| कर्मभूमि एक्सप्रेस | लगभग 8 घंटे 05 मिनट विलंब |
| कंचनकन्या एक्सप्रेस | लगभग 5 घंटे 29 मिनट विलंब |
| दार्जिलिंग मेल | लगभग 4 घंटे 58 मिनट विलंब |
| कोलकाता–जोगबनी एक्सप्रेस | लगभग 4 घंटे 37 मिनट विलंब |
| पदातिक एक्सप्रेस | लगभग 4 घंटे विलंब |
| अन्य प्रभावित ट्रेनें | गौर एक्सप्रेस, चारलापल्ली एक्सप्रेस, हावड़ा–कटिहार एक्सप्रेस और रांची–कामाख्या एक्सप्रेस |
सीमांचल और पूर्वोत्तर के यात्रियों की बढ़ी फजीहत
ट्रेनों के असामान्य विलंब का सीधा असर दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ा है:
- स्टेशनों पर इंतजार: किशनगंज, कटिहार, बारसोई और मालदा टाउन स्टेशनों पर यात्री रातभर परिजनों के साथ ट्रेनों के आने का इंतजार करने को मजबूर हैं.
- कनेक्टिंग ट्रेनें छूटीं: कोलकाता से इलाज कराकर लौटने वाले मरीजों और आगे की यात्रा (कनेक्टिंग फ्लाइट्स या ट्रेन) की योजना बना चुके यात्रियों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है.
- मरम्मत कार्य जारी: रेलवे इंजीनियरिंग शाखा ट्रैक को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर जुटी है, हालांकि बारिश के कारण मरम्मत कार्य में रुकावट आ रही है.
