पौआखाली (किशनगंज) : विकास और जनसुविधाओं को लेकर पौआखाली नगर पंचायत प्रशासन के दावों के बीच जमीनी स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है. नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 और 5 में मेला ग्राउंड दुर्गा मंदिर के सामने तथा शीशागाछी नोमानिया मदरसा से झपड़तल टोला जाने वाली पीसीसी सड़क पर महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ा कलवर्ट अब राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन गया है. स्थानीय लोग लगातार इसकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है.
दिन में संभलकर, रात में और बढ़ जाता है खतरा
क्षतिग्रस्त कलवर्ट के कारण सड़क से गुजरने वाले लोगों को हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है. वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को क्षतिग्रस्त हिस्से से बचकर निकलना पड़ता है. ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन इस खतरे को कब गंभीरता से लेगा. जब किसी अनहोनी की आशंका लगातार बनी हुई है, तो मरम्मत में इतनी देरी क्यों की जा रही है?
कई बार ध्यान दिलाने के बाद भी स्थिति जस की तस
स्थानीय लोगों के अनुसार कलवर्ट की मरम्मत को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है. इसके बावजूद महीनों से स्थिति जस की तस बनी हुई है. इससे लोगों में नगर प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.
लोगों का कहना है कि कलवर्ट सिर्फ सड़क का एक क्षतिग्रस्त हिस्सा नहीं है, बल्कि यह नगर प्रशासन की कार्यशैली और विकास संबंधी दावों पर भी सवाल खड़ा करता है.
दुर्गापूजा से पहले मरम्मत जरूरी
करीब डेढ़ महीने बाद दुर्गापूजा उत्सव शुरू होने वाला है. मेला ग्राउंड स्थित दुर्गा मंदिर में पूजा और मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. ऐसे में लोगों का कहना है कि उससे पहले क्षतिग्रस्त कलवर्ट की मरम्मत कराना जरूरी है, ताकि भीड़ के दौरान किसी दुर्घटना की आशंका न रहे.
पार्षद की भूमिका पर भी उठे सवाल
क्षतिग्रस्त कलवर्ट को लेकर संबंधित वार्ड के पार्षद की चुप्पी भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि वार्ड की समस्याओं को नगर प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए पहल करना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है.
अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर प्रशासन किसी हादसे के बाद कार्रवाई करेगा या उससे पहले ही कलवर्ट की मरम्मत कराकर संभावित खतरे को टाल देगा. जनता का सवाल साफ है—समस्या सामने है तो समाधान के लिए किसी हादसे का इंतजार क्यों?
