ठाकुरगंज होकर चलने वाली ट्रेनों में हालत बदतर

ठाकुरगंज होकर चलने वाली ट्रेनों में हालत बदतर

दरवाजे पर लटककर सफर करने को मजबूर यात्री, अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं

ठाकुरगंज. हल्दीबाड़ी बालुरघाट इंटरसिटी एक्सप्रेस में भीड़ की समस्या अब अस्थायी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की तस्वीर बन चुकी है. अपने शुरूआती दिनों से ही इस ट्रेन में जारी भीड़ बुधवार को भी देखने को मिली. ट्रेन के जनरल कोच में इतनी भीड़ रही कि यात्रियों को दरवाजे पर लटक कर यात्रा करनी पड़ी. अंदर खड़े होने तक की जगह नहीं बची, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. ट्रेन में चढ़ने के दौरान भारी धक्का-मुक्की और नोकझोंक देखी गई. कई यात्री दरवाजे पर लटक कर सफर करते नजर आए. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी. प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन कोच कम होने के कारण सभी को जगह नहीं मिल सकी. केवल 7 यात्री डिब्बे और 2 एसएलआर डिब्बों के सहारे चल रही इस ट्रेन में चढ़ नहीं पाने के कारण सैकड़ों यात्री वापस घर लौटने को मजबूर हो गए.

चुनावी स्पेशल ट्रेनों के बावजूद दार्जिलिंग उपेक्षित

बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, लेकिन दार्जिलिंग जिले से एक भी विशेष ट्रेन नहीं चलाए जाने का खामियाजा स्थानीय यात्रियों को उठाना पड़ रहा है. यात्रियों का कहना है कि जहां अन्य क्षेत्रों में अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर दबाव कम किया गया, वहीं दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों को नजरअंदाज कर दिया गया इसका सीधा असर नियमित ट्रेनों, खासकर इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पड़ा है, जहां भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है.

यात्रियों का कहना है

लोगों का कहना है कि यह स्थिति अब रोज की हो चुकी है, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. हाल ही में ट्रेन का विस्तार हल्दीबाड़ी तक किए जाने के बाद यात्रियों की संख्या में और वृद्धि हुई है, जिससे भीड़ की समस्या और गंभीर हो गई है. रोजाना हजारों यात्री इस ट्रेन पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें असुरक्षित स्थिति में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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