हृदय रोग से पीड़ित 10 बच्चों को मिला मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना का सहारा
हृदय रोग से पीड़ित 10 बच्चों को मिला मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना का सहारा
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
आरबीएसके टीम की स्क्रीनिंग के बाद चयनित बच्चों का होगा निःशुल्क उपचार, डीएम और सिविल सर्जन ने योजना को बताया गरीब परिवारों के लिए संजीवनी
किशनगंज. जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) जैसी जटिल बीमारी न केवल बच्चों के जीवन पर गंभीर खतरा बनती है, बल्कि इसके उपचार में आने वाला भारी खर्च गरीब परिवारों के लिए एक असंभव चुनौती बन जाता है. ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित ””मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना”” एक जीवनदायी पहल बनकर उभरी है. यह योजना समय पर पहचान, रेफरल और निशुल्क उपचार के माध्यम से मासूमों को नया जीवन दे रही है. इसी प्रयास की निरंतरता में किशनगंज जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 10 बच्चों को पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (आइजीआइसी) में आयोजित 11वें विशेष शिविर के लिए रवाना किया गया. इस शिविर में अहमदाबाद के सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों के स्वास्थ्य की गहन जांच करेगी.
सुनियोजित व्यवस्था के साथ बच्चों को भेजा गया पटना
सदर अस्पताल किशनगंज से आठ बच्चों को तीन एंबुलेंस के माध्यम से पूरी सुरक्षा के साथ पटना भेजा गया, जबकि दो बच्चे अपने परिजनों के साथ ट्रेन से शिविर में शामिल होने के लिए रवाना हुए. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी की गयी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी बच्चों को बिना किसी बाधा के समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा परामर्श मिल सके.
विभिन्न प्रखंडों के चयनित बच्चों को मिलेगा लाभ
जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ मुनाजिम ने बताया कि इन सभी बच्चों की पहचान आरबीएसके टीम द्वारा ग्रामीण स्तर पर की गई स्क्रीनिंग के दौरान हुई थी. इस बार के दल में ठाकुरगंज प्रखंड से तबस्सुम खातून, अल्फाज हुसैन, राजेंद्र कुमार राजभर एवं सलमान रजा शामिल हैं. पोठिया से सोहन हरिजन, आरती कुमारी एवं सुहेब, किशनगंज से शिवांश कुमार एवं आंचल कुमारी तथा कोचाधामन से रागिनी कुमारी को चिन्हित कर इस शिविर में भेजा गया है. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय पर पहचान और संस्थागत देखभाल का एक ऐसा मॉडल है जो सुनिश्चित करता है कि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे.
स्वास्थ्य व्यवस्था की एक प्रभावी पहल
सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना राज्य की संवेदनशील और दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति का प्रमाण है. आरबीएसके के माध्यम से सक्रिय स्क्रीनिंग और समयबद्ध रेफरल प्रणाली ने जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूत किया है. विदित हो कि जिले में इससे पहले भी कई बच्चों का इस योजना के तहत सफल इलाज हो चुका है, जिससे अब गरीब परिवारों में अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर नई आशा जगी है.
सामाजिक न्याय व समान स्वास्थ्य अधिकार
जिलाधिकारी विशाल राज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय के अंतर्गत संचालित यह योजना स्वास्थ्य के क्षेत्र में समावेशी विकास को साकार करती है. जन्मजात हृदय रोग जैसे महंगे इलाज के मामलों में सरकार द्वारा निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराना सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है. प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस योजना का लाभ हर पात्र बच्चे तक पहुंचे. यह पहल न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि समाज में यह विश्वास भी मजबूत कर रही है कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है.