ठाकुरगंज शहर में लगने वाले जाम से बाइपास दिला सकता है मुक्ति

सर्वे हुआ डीपीआर भी बना लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया

फोटो 4 बाइपास बनाये जाने वाली सड़क

प्रतिनिधि, ठाकुरगंज शहर के थाना मोड़ से महावीर स्थान होते हुए मस्तान चौक होते हुए पेट्रोल पंप एनएच 327 ई पर लगने वाला जाम इन दिनों ठाकुरगंज वासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. प्रशासन लगातार जाम से निबटने के लिए सक्रिय है कभी चौक चौराहों पर होम गार्डों की नियुक्ति की जाती है तो कभी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है लेकिन मुख्य सड़क पर रोज लगने वाले जाम से ठाकुरगंज वासी निजात नहीं पा रहे है. वहीं आम लोगो की माने तो बाईपास इस समस्या का समाधान है. इस बात की चर्चा कई बार विभिन्न मंचों से हुई लोगों ने इस मामले के लिए स्थानीय सांसद और जिला पदाधिकारी से गुहार भी लगायी.जिसके बाद आरडब्लूडी 2 के द्वारा बाईपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू भी हुई. सर्वे हुआ डीपीआर भी बना लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया. लेकिन अब मुख्यमंत्री के दौरे के बाद फिर से लोगों में आश जगी है. बताते चले कभी शहर वासियों के लिए जीवन रेखा मानी जानी वाली केटीटीजे पथ जो ठाकुरगंज शहर के बीच से गुजरती है इन दोनों शहर वासियों के लिए अभिशाप बन गई है. सबसे बुरी स्थति ठाकुरगंज हॉस्पिटल मोड़ खलीफापट्टी चौक तक की है. जहां हर वक्त लगने वाले जाम से आम लोग परेशान हैं.

बालू लदे ओवरलोड वाहन बन रहे है शहर की मुसीबत

बताते चले चेंगा नदी बालू घाट से आने वाले वाहनों का रास्ता शहर होकर ही है. बालू खदान होने के कारण शहर होक चौबीसों घंटे बालू लदे वाहन भी आते जाते रहते है. यदि बाईपास का निर्माण होता है तो न सिर्फ बालू खदान के ट्रक बल्कि किशनगंज से आने वाले भारी ट्रक भी बाईपास का इस्तेमाल कर अपने गंतव्य की तरफ बढ़ जायेगे.

बाइपास बनता है तो यूं मिलेगी जाम से मुक्ति

इस बाबत जानकार बताते है की ठाकुरगंज शहर के पूर्वी हिस्से से सट कर ग्रामीण सड़क है. किशनगंज – ठाकुरगंज गलगलिया पथ पर पटेसरी पंचायत के कटहलडांगी – अदरागुडी गांव से उतर की तरफ से निकलने वाली यह सड़क कनकपुर पंचायत के मानिकपुर गांव में अवस्थित पंचायत भवन के पास ठाकुरगंज – मुरारिगछ पीडब्लूडी सड़क से मिलती है पुन: यह सड़क मुंशीभिट्टा कब्रिस्तान के पास से उतर की तरफ बढती हुई ठाकुरगंज कॉलेज तक जाती है जहां से सामुदायिक भवन के समीप से गुजरते हुए यह सड़क एन एच 327 ई से मिल जाती है, इस सड़क के कई हिस्सों में पिछले कई हिस्सों में कभी मनरेगा तो कभी पंचायत मद के कार्य भी हुए है यहां सड़क बनाकर इसे बाईपास बनाया जाए तो जाम से मुक्ति संभव है.

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