ठाकुरगंज (किशनगंज).तस्करी के जरिये बंगाल ले जाये जा रहे पांच मवेशी लदे वाहन को कुर्लिकोट थाना ने जब्त किया है. इस कार्यवाई में किसी तस्कर की गिरफ़्तारी नहीं हो पाई. घटना क्रम के बाबत बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह लगभग दस बजे कुर्लिकोट थाना की गश्ती वाहन गश्त लगा रही थी. तभी मवेशी से लदा वाहन बंगाल की ओर तेज रफ्तार से जाने की कोशिश कर रहा था. पुलिस वाहन द्वारा पीछा करने पर चालक मालबस्ती के समीप वाहन लगाकर फरार हो गया. पुलिस मवेशी लदे वाहन को जब्त करते हुए मवेशियों को सुरक्षित स्थान में भेजने की प्रकिया में लगी हुई है. वहीं गाडी कागजात और अगल बगल में पूछताछ के बाद फरार चालक का नाम मो दिलशाद बिरनाबाडी पता चला है. जिस पर पशू क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुटी हुई है. बता दे कि सीमावर्ती क्षेत्रों से प्रत्येक दिन छोटे व बड़े वाहनों से पीएम व एनएच होकर तस्करी के मवेशियों को आसाम बंगाल के सिलीगुड़ी, इस्लामपुर, सोनापुर के साथ अन्य स्थान भेजने का खेल जारी है. ज़हां से मवेशियों को बंग्लादेश तस्करी के माध्यम से तस्कर गिरोह के सदस्य भेजते हैं. तस्करी का खेल सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर बंगाल और आसाम तक फैला हुआ है. जिस पर कभी कभार कार्रवाई सुरक्षा एंजेसियो के द्वारा देखी जाती है. बताते चले प्रशासनिक चौकसी के बावजूद ठाकुरगंज प्रखंड क्षेत्र के रास्ते मवेशी तस्करी धड़ल्ले से जारी है. प्रखंड के विभिन्न रास्तों से मवेशी की बड़ी खेप सप्ताह के प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को तस्करी हेतु भेजी जाती है. किंतु इस पर अंकुश लगाने हेतु प्रशासन निष्क्रिय दिख रहा है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रखंड के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र के वैध या अवैध मवेशी हाटों से बड़े पैमाने पर दुधारु व अन्य मवेशियों को खरीद धंधे से जुड़े लोग बंगलादेश आदि अन्य ठिकानों तक इसे पहुंचाते हैं. जहां से इसकी व्यापक स्तर पर तस्करी होती है. जानकारों की माने तो मवेशी तस्करी के इस धंधे के परवान चढ़ने से क्षेत्र में दुधारु या अन्य मवेशियों की काफी संख्या घटी है. बताया जाता है कि तस्करी में अधिकांश संख्या दुधारु मवेशी की होती है. सूत्रों के मुताबिक मवेशी तस्करी के इस धंधे में कारोबारियों का एक सशक्त नेटवर्क है, जिसे प्रत्यक्ष या अपरोक्ष रूप से सफेदपोश लोगों का संरक्षण होता है. इस धंधे से प्रखंड या आसपास के लोगों का तार भी जुड़े होने की बात बतायी जा रही है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
