धर्मसभा में संयम, अहिंसा व नैतिक मूल्यों पर दिया संदेश
धर्मसभा में संयम, अहिंसा व नैतिक मूल्यों पर दिया संदेश
By AWADHESH KUMAR | Updated at :
मुनि श्री प्रशांत कुमार व कुमुद कुमार के ठाकुरगंज आगमन पर हुए धार्मिक कार्यक्रम
ठाकुरगंज. तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के शिष्य मुनि श्री प्रशांत कुमार जी एवं मुनि श्री कुमुद कुमार जी के ठाकुरगंज आगमन पर नगर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये. इस अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और पूरे क्षेत्र में शांतिपूर्ण व अनुशासित माहौल देखने को मिला. मुनि श्री के नगर प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. कई स्थानों पर स्वागत की व्यवस्था की गयी थी, जहां महिलाओं, युवाओं व समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया. जैन धर्म की जय व मुनि श्री की जय के नारों के साथ जुलूस आगे बढ़ता रहा. आगमन के उपरांत आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री प्रशांत कुमार जी ने अपने प्रवचन में संयम, अहिंसा व सदाचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भौतिकता के बीच व्यक्ति को आत्मनियंत्रण व नैतिक मूल्यों की ओर लौटने की आवश्यकता है. उनके अनुसार आंतरिक शांति व संतुलित जीवन के लिए धर्म, ध्यान व आत्मचिंतन महत्वपूर्ण साधन हैं. मुनि श्री कुमुद कुमार जी ने भी अपने संबोधन में सामाजिक जीवन में अनुशासन, नशामुक्ति व नैतिक आचरण को अपनाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति का जिम्मेदार व जागरूक होना आवश्यक है. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न आयु वर्ग के लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें महिलाएं, पुरुष, युवा व बच्चे शामिल थे. श्रद्धालुओं ने मुनि श्री के दर्शन व प्रवचन का लाभ उठाया. आयोजन के संबंध में स्थानीय जैन समाज के सदस्यों ने बताया कि मुनि श्री का यह प्रवास क्षेत्र में धार्मिक व नैतिक जागरूकता को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.