नगर पंचायत का दर्जा पर सुविधा ''ग्रामीण'', गैस बुकिंग के लिए 45 दिनों का लंबा इंतजार

गैस बुकिंग के लिए 45 दिनों का लंबा इंतजार

गैस एजेंसी की पुरानी मैपिंग बनी फांस, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की सुधार की मांग

ठाकुरगंज. नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद ठाकुरगंज के गैस उपभोक्ताओं के साथ ”सौतेला” व्यवहार हो रहा है. कागजों पर शहर बन चुके इस क्षेत्र में एलपीजी गैस वितरण के नियम आज भी पुराने ग्रामीण ढर्रे पर ही चल रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी भ्रम और नाराजगी व्याप्त है. सरकारी प्रावधानों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता 25 दिनों के बाद दोबारा गैस सिलेंडर बुक करा सकते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 45 दिन तय है. विडंबना यह है कि ठाकुरगंज नगर पंचायत क्षेत्र के निवासियों के लिए आज भी 45 दिनों की समय सीमा ही लागू है.

स्थानीय उपभोक्ता विप्लव कर्मकार, सोमनाथ गांगुली, सुशांत साह, पांडव झा व बिट्टू अग्रवाल ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम में 45 दिन से पहले रिफिल की अनुमति नहीं मिल रही है. इससे आम गृहिणियों के साथ-साथ छोटे व्यवसायियों के सामने संकट खड़ा हो गया है.

टैक्स शहरी, सुविधाएं ग्रामीण

उपभोक्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद वे नियमित रूप से होल्डिंग टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य नगरीय करों का भुगतान कर रहे हैं. इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं के नाम पर उन्हें ग्रामीण नियमों के जाल में उलझा कर रखा गया है. लोगों ने सवाल उठाया है कि जब वे शहर के समान टैक्स दे रहे हैं, तो उन्हें गैस सिलेंडर की बुकिंग में शहरी सुविधा क्यों नहीं मिल रही है.

मैपिंग अपडेट न होना मुख्य कारण

गैस एजेंसी संचालक के अनुसार, वर्तमान में केवल किशनगंज शहर के उपभोक्ताओं को ही 25 दिनों वाली शहरी सुविधा मिल रही है. जानकारों का मानना है कि इस समस्या की जड़ गैस कंपनियों के वितरण सॉफ्टवेयर में छिपी है. दरअसल, ठाकुरगंज को नगर पंचायत बने अरसा बीत गया, लेकिन गैस एजेंसियों की ”मैपिंग” अब तक अपडेट नहीं की गई है. डिजिटल रिकॉर्ड में यह क्षेत्र आज भी ग्रामीण श्रेणी में ही दर्ज है.

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन व संबंधित गैस कंपनियों के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस तकनीकी विसंगति को जल्द से जल्द दूर किया जाए. उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मैपिंग अपडेट कर उन्हें 25 दिनों में बुकिंग की सुविधा नहीं दी गयी, तो वे चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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