शनिवार को टप्पू स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा खुलने से पहले ही बैंक परिसर में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोग अपनी बारी को लेकर काफी देर तक इंतजार करते रहे ़
दिघलबैंक : नोटबंदी से ग्रामीण इलाके के लोग अभी तक उबर नहीं पाये है,पैसों को लेकर हालात बद से बदतर होते जा रहे है,आम जनमानस को ये समझ नहीं आ रहा है कि हालात आखिर सामान्य कब होंगे. शनिवार को टप्पू स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक की शाखा खुलने से पहले ही बैंक परिसर में लोगों का भाड़ी हुजूम उमड़ पड़ा,महिलाये और बुजुर्ग भी काफी संख्या में लाइन में खडे दिखे.सुबह 9 बजे ही बैंक परिसर में तील रखने की भी जगह नहीं थी.
कतार में खड़े पूर्व प्रमुख शिव नारायण गणेश,शिक्षक सौरव कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के एटीएम और बैंक शाखाओं में नियमित रूप से राशि उपलब्ध कराया जाये तो हालात इतने बदतर नहीं होते.क्योकि बैंकों में लगातार राशियों का घोर अभाव है,अगर इसी प्रकार से राशि को लेकर ग्रामीण इलाकों के बैंकों की अपेक्षा की गयी तो हालात बदलने में काफी वक़्त लग सकता है ़
एटीएम की हालत बद से बदतर
नोटबंदी के बाद से ही पैसे उगलने की मशीनों को जैसे जंग लग गया है,और परेशानी आम लोगों को हो रही है. शनिवार को भी नजारा एटीएम का नजारा कुछ वैसा ही दिखा.
