रक्षा के लिए पिता द्वारा लिया गया लाइसेंसी बंदूक ही उनके पुत्र के लिए काल बन गया
किशनगंज : जिसने अपनी जिंदगी का चंद साल ही जिया हो. आखिरकार उसने आत्महत्या करने जैसा कदम क्यों उठाया़? यह सवाल एक पहेली बना हुई है़ कजलामनी न्यू कॉलोनी निवासी फैसल रसीद के दर्दनाक तरीके से आत्म हत्या कर लेना कई गंभीर सवाल खड़े कर करता है़ फैसल ने अपने पिता शब्बीर आलम का दो नाली लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली़ दाढ़ी के नीचे बंदूक की नली सटा कर गोली मार लेने से गोली उसके माथे को चीरता हुआ सर के ऊपर से निकल गया़. कमरा बंद कर आत्महत्या करने के लिए उसने जैसे ही गोली चलायी, तो गोली की आवाज से पूरा घर थर्रा उठा़
घर में मौजूद मां, भाई एवं अन्य आस पड़ोस के लोग कमरे का दरवाजा तोड़ा तो दृश्य देख कर अचंभित हो गये़ सामने की तरफ से क्षत-विक्षत चेहरा देख कर फैसल की मां चीत्कार पड़ी़ लोगों ने फैसल के शव को पलट कर चित कर दिया़ किशनगंज पथ निर्माण विभगा में गुणवत्ता निरीक्षक के पद पर कार्यरत पिता शब्बीर आलम को समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया़ चंद मिनटों में ही आस पास के दर्जनों लोग जमा हो गये़ आस पड़ोस के लोगों का कहना थाकि फैसल बहुत ही अच्छा व सुलझा हुआव युवक था़ उसके इस फैसले से लोग अचंभित है़ हालांकि अकारण ही फैसल ने आत्महत्या करने जैसा निर्णय नहीं लिया होगा़ कारण जो भी हो लेकिन इस घटना ने अन्य अभिभावकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. उधर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है.
