मनमानी. देर रात मधेपुरा से दो वाहनों पर पशुओं को ले जा रहे थे
एसएसबी द्वारा मवेशी जब्त करने के बाद मवेशी व्यापारी के एक समूह ने एसएसबी जवानों को घेर कर जब्त पशु छुड़ा लिया.
दिघलबैंक : एसएसबी द्वारा मवेशी जब्त करने के बाद मवेशी व्यापारी के एक समूह ने एसएसबी जवानों को घेर कर जब्त पशु छुड़ा लिया. देखते ही देखते मौके पर भाड़ी इकट्ठा हो गयी.
जानकारी के अनुसार मधेपुरा से दो वाहनों में भर कर करीब एक दर्जन पशु को लेकर कुछ व्यापारी आ रहे थे़ तभी बहादुरगंज के एलआरपी चौक पर एसएसबी जवानों ने वाहन समेत पशु को जब्त कर लिया और बीओपी ले जाने लगे, लेकिन तुलसिया नया मार्केट के समीप पशु कारोबारियों के साथियों ने एसएसबी जवानों को रोक लिया और मवेशियों को छुड़ा कर जवानों को बंधक बना लिया तथा दोनों पक्षों में हाथा पायी की भी सूचना है़
घटना के उपरांत बहादुरगंज – दिघलबैंक मार्ग पर जाम लग गया़ सूचना के उपरांत मौके पर पहुंचे दिघलबैंक एसएसबी कैंप से एसएसबी के अन्य जवानों ने अपने साथियों को छुड़ाया तथा पशु कारोबारियों को खदेड़ दिया. इसी बीच दिघलबैंक और बहादुरगंज पुलिस भी मौके पर पहुंची़ गौरतलब है की ये पशु कारोबारी बहादुरगंज के डुआडांगी गांव के है़
धड़ल्ले से हो रही मवेशी की तस्करी
पौआखाली. पौआखाली-डेरामारी सड़क मार्ग होकर इनदिनों लगातार पशु तस्करी हो रहा है. तस्करों के लिए इनदिनों यह मार्ग सुरक्षित बन गया है. बिहार के वैशाली, पूर्णिया के बायसी आदि मवेशी हाटों से खरीदकर वाहनों में भेड़ बकरियों की तरह गाय, भैंस के बछडों को लोड कर गंतव्य तक पहुंचाये जा रहे है, जिस पर किसी तरह का कोई रोक टोक नहीं है .
मवेशी तस्करों द्वारा मवेशी लदे वाहनों को सुबह के तीन बजे के बाद से सुबह के आठ बजे तक कोचाधामन से बहादुरगंज वाया डेरामारी होते हुये पौआखाली बाजार होकर एनएच 327ई के सहारे बंगाल सीमा पार करायी जाती है.
इस बीच कई एक थाने भी गुजरते है, लेकिन संबंधित थानों के द्वारा कभी कोई कार्रवाई नहीं दिखती है. इस क्षेत्र में इन दिनों पशु क्रूरता अधिनियम कानून की तस्करों द्वारा धज्जियां उड़ायी जा रही है.
कहते हैं एसपी: पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने कहा कि पौआखाली-डेरामारी होकर पशु तस्करी की बात सही है. इसपर सख्ती से नकेल कसी जायेगी. ऐसे मामलों में पुलिस अवश्य ही कार्रवाई करेगी.
