पसराहा. खगड़िया जिले के पसराहा थाना अंतर्गत बंदेहरा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में केला रेशा (बनाना फाइबर) उत्पादक महिलाओं के सम्मान और प्रोत्साहन हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन जिला पदाधिकारी नवीन कुमार, उप विकास आयुक्त श्वेता भारती और जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ. कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने केला रेशा से निर्मित बैग, चटाई, फाइल कवर और अन्य हस्तशिल्प वस्तुओं की आकर्षक प्रदर्शनी लगायी, जिसकी अधिकारियों द्वारा मुक्तकंठ से सराहना की गयी. संबोधन के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खगड़िया में केले की प्रचुर खेती को देखते हुए इसके अवशेषों से रेशा तैयार करना महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन सकता है. उन्होंने प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण, मशीनरी और बाजार उपलब्ध कराने का भरोसा देते हुए महिलाओं से संगठित होकर काम करने की अपील की. उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि गुणवत्ता और नवाचार के दम पर ये उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं. जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जो तने पहले कचरा समझकर फेंक दिए जाते थे, अब वे किसानों और महिलाओं के लिए आय का जरिया बन रहे हैं. कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
केला रेशा उद्योग से खगड़िया की महिलाओं को मिलेगी नयी पहचान : डीएम
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में केला रेशा (बनाना फाइबर) उत्पादक महिलाओं के सम्मान और प्रोत्साहन हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
