गोगरी. होली की दस्तक के साथ ही अनुमंडल के बाजारों पर होली का रंग चढ़ने लगा है. शहर के चौक-चौराहों से लेकर गांव की गलियों तक फगुआ की बयार बह रही है. जमालपुर, गोगरी सहित अनुमंडल के बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारी, टोपी और तरह-तरह के होली आइटम से सजी दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है. परदेश में काम करने वाले लोग भी त्योहार मनाने घर लौटने लगे हैं, जिससे बाजारों की रौनक और बढ़ गयी है. कारोबारियों का अनुमान है कि इस बार रंग-गुलाल के व्यापार में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. जमालपुर से न केवल जिले के विभिन्न हिस्सों में बल्कि आसपास के जिलों के बाजारों में भी रंग और गुलाल की आपूर्ति की जाती है. बाजार के एक दुकानदारों ने बताया कि रासायनिक रंगों से होने वाले नुकसान को देखते हुए इस बार हर्बल गुलाल की मांग अधिक है. देशी उत्पादों की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ा है. रंग-बिरंगी टोपी, पिस्तौल पिचकारी और अन्य सामान में ”मेड इन इंडिया” उत्पाद प्रमुखता से बिक रहे हैं.
होली को लेकर बच्चों में उत्साह
होली को लेकर बच्चों में खास उत्साह देखा जा रहा है. मुहल्लों में बच्चे अभी से रंग-पिचकारी के साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं. बाजारों में बज रहे फगुआ गीत माहौल को पूरी तरह होलीमय बना रहे हैं. कपड़ा व्यवसायी जयप्रकाश घोष ने बताया कि जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, रेडीमेड कपड़ों के साथ कुर्ता-पायजामा की मांग बढ़ी है. सूती कपड़ों की बिक्री में तेजी आयी है. बच्चों के लिए धोती-पायजामा और सूती कुर्ता आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, वहीं लड़कियों के लिए रंगीन सूती फ्रॉक और महिलाओं के लिए सूती साड़ियां खूब बिक रही हैं. किराना दुकानों में भी मेवा, काजू, किशमिश, छुहारा, सूखा नारियल और मूंगफली की खरीद बढ़ गयी है. उमंग और उत्साह के इस पर्व पर लोग बजट से बढ़कर खरीदारी कर रहे हैं.
