जानलेवा हो सकता है रेफरल अस्पताल गोगरी का जर्जर भवन

जानलेवा हो सकता है रेफरल अस्पताल गोगरी का जर्जर भवन

गोगरी. अनुमंडल का पुराना अस्पताल रेफरल अस्पताल वर्षों से जर्जर है. भवन कभी भी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है. जर्जरता को लेकर पूर्व में डीएम ने उक्त भवन खाली करने का निर्देश दिया था. बावजूद अब तक जर्जर भवन में मीटिंग रूम, स्थापना कार्यालय, अभिलेखागार, जन्म मृत्यु पंजीकरण कार्यालय, डाटा इंट्री कार्यालय सहित कई कार्यालय और एम्बुलेंस कर्मी के आवास सहित भी अन्य कर्मी के आवास है. चिंता की बात यह है कि इस अस्पताल में हर दिन चार से पांच सौ मरीज इलाज कराने आते हैं. ऐसे में जर्जर हो चुकी भवन और छत के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. डर के साए में अस्पताल कर्मी ड्यूटी बजाने को मजबूर हैं, लेकिन कोई उपाय नहीं मिल रहा है. भवन की हालत का आलम यह है कि अस्पताल प्रशासन को छज्जे के गिरने की आशंका है. ऐसे में कोई अनहोनी नहीं हो जाए, इसका हमेशा भय बना रहता है. रेफरल अस्पताल भवन का निर्माण वर्ष 1987 में हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रेफरल अस्पताल का उद्घाटन किया था. दो मंजिला अस्पताल भवन उस समय मॉडल भवन था. देखरेख व मरम्मत के अभाव में उक्त भवन 40 वर्ष में ही जर्जर हो गया. वर्तमान में उक्त भवन की जर्जरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भवन में दर्जनों स्थान पर दीवार व छत टूटे हुए हैं. छत व लिंटर की छड़ें बाहर से दिखाई देती है. भवन के अभाव के कारण अस्पताल के कई कार्यालय का संचालन में भी परेशानी हो रही है.

कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंद्र प्रकाश ने बताया कि भवन की जर्जरता को लेकर विभाग व वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है. जल्द ही इस पर संज्ञान लिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >