खगड़िया : गोगरी थाना क्षेत्र के राटन गांव निवासी शटरिंग ठेकेदार शमसुल खान हत्याकांड में करीब 20 महीने बाद पुलिस को अहम सुराग मिला है. हत्या में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन में दोबारा सिम डालना दो युवकों के लिए पुलिस की रडार पर आने की वजह बन गया. सिम सक्रिय होते ही तकनीकी अनुसंधान के जरिए पुलिस को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने राटन गांव से दो युवकों को हिरासत में लिया है. दोनों से पूछताछ की जा रही है.
शमसुल खान की 23 जनवरी 2025 को गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. वह भवन निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले शटरिंग का ठेका लेते थे. घटना के बाद मृतक के पुत्र शमशेर खान के आवेदन पर गोगरी थाना में तीन नामजद समेत चार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.
हत्या से पहले फोन कर घर से बुलाया गया था
मृतक के पुत्र शमशेर खान के अनुसार, घटना की शाम उनके पिता घर पर थे. इसी दौरान उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात नंबर से फोन आया. फोन आने के बाद शमसुल खान बाइक से किसी व्यक्ति से मिलने के लिए घर से निकल गये. देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की.
अगली सुबह ग्रामीणों से शमसुल खान का शव मिलने की सूचना परिजनों को मिली. घटनास्थल पर पहुंचने पर उनकी पहचान की गयी. परिजनों के अनुसार, घटनास्थल से शमसुल का मोबाइल और बाइक भी गायब थी. इसके बाद मृतक के पुत्र ने पुलिस से उनके मोबाइल पर आये फोन की कॉल डिटेल की जांच करने और हत्या में शामिल लोगों का पता लगाने की मांग की थी.
वारदात से पहले खरीदा गया था नया सिम
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की घटना से पहले कथित तौर पर एक नया सिम खरीदा गया था. इसी सिम के माध्यम से शमसुल खान को फोन कर घर से बाहर बुलाया गया था. घटना के बाद हत्या में इस्तेमाल किये गये सिम को तोड़कर फेंक दिया गया, जबकि मोबाइल फोन अपने पास रख लिया गया.
इसके बाद लंबे समय तक इस मोबाइल के इस्तेमाल की जानकारी पुलिस को नहीं मिली. करीब 20 महीने बाद मोबाइल में दोबारा दूसरा सिम लगाया गया. सिम सक्रिय होते ही तकनीकी निगरानी के माध्यम से पुलिस को इसकी जानकारी मिल गयी. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर, संपर्क और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की.
तकनीकी जांच के बाद दो युवक हिरासत में
मोबाइल दोबारा सक्रिय होने के बाद पुलिस ने उससे जुड़े सिम, संपर्क और अन्य तकनीकी बिंदुओं की जांच की. जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने मंगलवार को राटन गांव से दो युवकों को हिरासत में लिया.
पुलिस दोनों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की घटना में उनकी क्या भूमिका रही है और अन्य संदिग्धों से उनका संपर्क किस तरह रहा है. जांच का दायरा मुख्य शूटर तक भी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. पुलिस अनुसंधान में मुख्य शूटर के कोलकाता का होने की बात सामने आने की जानकारी दी गयी है.
तीन नामजद समेत चार अज्ञात पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
शमसुल खान के पुत्र ने आवेदन में राटन निवासी सावीर खान के पुत्र सोनू खान, आजम फरीदी के पुत्र फैजान फरीदी और शमशाद फरीदी के पुत्र मिस्टर फरीदी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था. इनके अलावा चार अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में आरोपित किया गया था.
आवेदन के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले नामजद आरोपितों के साथ शमसुल खान का किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसी आधार पर परिजनों ने हत्या में उनकी संलिप्तता का आरोप लगाया था. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन लंबे समय तक ठोस सुराग नहीं मिल सका.
20 महीने बाद मिली नई कड़ी
शमसुल खान की हत्या के बाद से परिजन मामले के खुलासे और आरोपितों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे थे. अब हत्या में इस्तेमाल किये गये मोबाइल के दोबारा सक्रिय होने से पुलिस को जांच आगे बढ़ाने के लिए नई कड़ी मिली है. पुलिस हिरासत में लिये गये दोनों युवकों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
कहते हैं थानाध्यक्ष: गोगरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शमसुल हत्याकांड मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया है. दोनों से पूछताछ की जा रही है.
