जमैया टोल प्राथमिक विद्यालय में सिर्फ 20-25 बच्चे पहुंच रहे स्कूल, एमडीएम से लेकर बेल्ट-टाई तक पर उठे सवाल

खगड़िया के प्राथमिक विद्यालय में बेल्ट, टाई और परिचय पत्र के नाम पर बच्चों से पैसे वसूलने के बाद भी सामग्री नहीं मिली। अभिभावकों ने व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।

प्राथमिक विद्यालय जमैया टोल की संचालन व्यवस्था को लेकर अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं. अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) और अंडा-फल योजना का लाभ नियमित रूप से नहीं मिल रहा है. वहीं, बेल्ट, टाई और परिचय पत्र देने के नाम पर बच्चों से रुपये लिए जाने के बावजूद कई छात्रों को 10 दिन बाद भी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है. विद्यालय में बच्चों की कम उपस्थिति और शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी अभिभावकों में नाराजगी है.

90 रुपये लेने के बाद भी नहीं मिली सामग्री

पोषक क्षेत्र के अभिभावकों के अनुसार करीब 10 दिन पहले विद्यालय की प्रधानाध्यापिका की ओर से बेल्ट, टाई और परिचय पत्र के लिए प्रति छात्र 90 रुपये लिए गए थे. वहीं, तीसरी कक्षा के छात्र देव कुमार ने बताया कि उससे 50 रुपये लिए गए थे, लेकिन अब तक उसे बेल्ट, टाई और परिचय पत्र नहीं मिला है. इसको लेकर अभिभावक विद्यालय प्रबंधन से सवाल कर रहे हैं.

150 में सिर्फ 20-25 बच्चों की उपस्थिति

विद्यालय में करीब 150 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन अभिभावकों के अनुसार रोजाना महज 20 से 25 बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं. इतनी कम उपस्थिति को लेकर विद्यालय की शैक्षणिक और प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. अभिभावकों का आरोप है कि कुछ शिक्षक विद्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद चले जाते हैं. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

अभिभावकों ने विद्यालय की नियमित निगरानी कराने और शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बच्चों को नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.

एमडीएम और अंडा-फल योजना पर भी सवाल

अभिभावकों ने मध्याह्न भोजन और अंडा-फल योजना के संचालन को लेकर भी शिकायत की है. उनका कहना है कि बच्चों को इन योजनाओं का लाभ नियमित रूप से नहीं मिल रहा है. अभिभावकों ने विद्यालय में भोजन योजना की नियमितता और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी नाराजगी

विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि करीब दो माह पहले बच्चों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें छात्र देव कुमार के होंठ पर चोट लग गई थी. शिकायत लेकर पहुंचे अभिभावकों को कथित तौर पर यह कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा की गारंटी विद्यालय प्रशासन के पास नहीं है. इस बात से अभिभावकों में और नाराजगी बढ़ी.

मोबाइल में व्यस्त रहने का लगाया आरोप

अभिभावकों का आरोप है कि कुछ शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल देखने में व्यस्त रहते हैं. उनका कहना है कि नई प्रधानाध्यापिका विशाखा कुमारी के योगदान के बाद विद्यालय की शैक्षणिक और संचालन व्यवस्था प्रभावित हुई है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

जांच के बाद होगी कार्रवाई : बीईओ

बीईओ मनोहर कुमार ने कहा कि विद्यालय में एमडीएम क्यों नहीं बना और बच्चों की उपस्थिति इतनी कम क्यों थी, इसकी जांच कराई जाएगी. बेल्ट, टाई और परिचय पत्र के नाम पर छात्रों से राशि लिए जाने के मामले की भी जांच होगी. उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


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By Amit kumar singh

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