कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे लोग, अलाव की व्यवस्था नहीं
मजबूरी में कई जगह स्थानीय लोग निजी स्तर पर अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं
गोगरी. गांव से लेकर शहर में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन बेहाल कर दिया है. तापमान में लगातार गिरावट के बीच नगर परिषद क्षेत्र के करीब दो लाख आबादी ठंड से जूझ रही है, लेकिन राहत के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं. 36 वार्डों वाले नगर परिषद क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था अभी तक नहीं की गयी है. शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और रैन बसेरों के आसपास ठंड से बचाव के लिए अलाव नहीं जलाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. मजबूरी में कई जगह स्थानीय लोग निजी स्तर पर अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इस भीषण ठंड में कोई भी स्वयंसेवी संस्था अब तक आगे नहीं आयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड को लेकर खासकर सुबह और रात के समय हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं, जब दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला दुकानदार और बेसहारा लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.
दिव्यांग जन कल्याण समिति ने उठाए सवाल
इस मुद्दे पर दिव्यांग जन कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष पवन कुमार पासवान व जिला सचिव दिलीप पासवान ने नगर परिषद की उदासीन व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए शहर में कम से कम 50 जगह अलाव जलाने की मांग की है. अलाव नहीं होने के कारण खासकर गरीब मोहल्ले में काफी परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा है कि अगर जल्द ही गरीबों और मजलूमों के मोहल्ले में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई तो इसके विरुद्ध समिति आवाज बुलंद करेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
