राजकीय आश्वासन समिति के सभापति सह बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल के छोटे भाई स्व. परमेश्वरी सिंह उर्फ पंसी बाबू के निधन के बाद मंगलवार सुबह विधायक के दरवाजे पर ग्रामीणों और आमजनों की बैठक हुई. बैठक में पनसलवा गांव के लोगों ने मृत्यु भोज के बजाय जनसेवा का काम करने का सामूहिक निर्णय लिया.
मृत्यु भोज के खर्च से गांव को मिलेगी एंबुलेंस
बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मृत्यु भोज का आयोजन नहीं किया जायेगा. इसके लिए खर्च होने वाली राशि का उपयोग गांव में एंबुलेंस उपलब्ध कराने में किया जायेगा. ग्रामीणों का कहना था कि मृत्यु भोज पर एक दिन में खर्च होने वाली राशि से ऐसी सुविधा विकसित की जा सकती है, जिसका लाभ जरूरतमंद लोगों को लंबे समय तक मिलता रहे.
गरीब और असहाय मरीजों को अस्पताल पहुंचायेगी एंबुलेंस
प्रस्तावित एंबुलेंस का इस्तेमाल आपात स्थिति में गरीब और असहाय मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जायेगा. ग्रामीणों ने कहा कि समय पर अस्पताल पहुंचने की सुविधा कई जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी. दिवंगत की स्मृति में एंबुलेंस उपलब्ध कराना जनसेवा का स्थायी माध्यम बनेगा.
बच्चों की पढ़ाई में भी मदद करने का फैसला
बैठक में बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पेंसिल और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी. ग्रामीणों ने कहा कि दिवंगत की स्मृति में परंपरागत आयोजन के बजाय शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करना ज्यादा उपयोगी होगा.
ग्रामीणों ने कहा- जनसेवा से लंबे समय तक मिलेगा लाभ
ग्रामीणों ने कहा कि मृत्यु भोज सामाजिक मजबूरी नहीं है. सामूहिक सहमति से दिवंगत की स्मृति में जनकल्याण के काम किये जा सकते हैं. इससे समाज को लंबे समय तक लाभ मिलेगा और अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगेगी. लोगों ने कहा कि स्व. परमेश्वरी सिंह उर्फ पंसी बाबू की स्मृति में एंबुलेंस उपलब्ध कराना उनके प्रति सार्थक श्रद्धांजलि होगी.
आसपास के गांवों को भी प्रेरणा मिलने की उम्मीद
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस पहल से आसपास के गांवों में भी सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवा को प्राथमिकता देने की प्रेरणा मिलेगी. बैठक में लोगों ने सामूहिक रूप से जनसेवा को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया.
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में जदयू नेता नुतन सिंह पटेल, युवा जदयू के आदित्य पटेल, पंसस प्रतिनिधि राणा प्रताप सिंह, सरपंच प्रतिनिधि अजय सिंह समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे.
