आंधी व बारिश से धान की फसल को नुकसान, किसानों के चेहरे पर छाई मायूसी

चारों ओर सेंकड़ों एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा भी रही थी

बेलदौर. प्रखंड क्षेत्र में धान की खेती भगवान भरोसे ही होती है. इस बार इंद्रदेव की कृपा से हुई पर्याप्त बारिश से किसानों को धान के बेहतर उत्पादन की उम्मीद थी. चारों ओर सेंकड़ों एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा भी रही थी. आगत धान फसल में बाली भी निकलने लगी थी तो शेष धान की फसल में फुल निकल रहे थे, लेकिन बीते 4 अक्टूबर को हुई मूसलाधार बारिश के साथ तेज आंधी तूफान ने किसानों के उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीर साफ झलक रही है. आंधी की चपेट में आने से खेत में लगे धान की फसल जमीन पर गिर गयी. जिससे किसान त्राहिमाम है. इस संबंध में कुर्बन पंचायत के किसान दाहू राम, नंदलाल शर्मा, विनोद यादव, नकुल शर्मा, पोपल शर्मा, नवीन शर्मा, दिनेश सादा, रामबरन सादा, मिठू राम,महिनाथनगर समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि हम लोगों का खेत में लगे धान की फैसले बर्बाद हो चुका है. जिस कारण किसानों में आक्रोश व्याप्त है. किसान दिनेश मंडल, भगवान मंडल, देव शंकर सिंह,कौशल किशोर सिंह आदि ने बताया कि एक बीघा खेत में धान की फैसले को लगाने में करीब 15 से 20 हजार रुपए खर्च होती है. इस बार बारिश ने भी भरपूर सहयोग किया. किसानों को उम्मीद थी कि धान के अच्छी उपज से किसानों की तकदीर बदल जायेगी लेकिन हुई मुसलाधार बारिश व आंधी तूफान ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया. पीड़ित किसानों ने सरकार व विभाग से फसल क्षति का आकलन कर अविलंब मुआवजा दिलाने की मांग की ताकि अन्नदाता को थोड़ी राहत मिल सके.

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