Khagaria News: खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड स्थित कन्या मध्य विद्यालय भूतौली में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में कथित रूप से कीड़ा मिलने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. घटना के बाद बर्खास्त की गई चार रसोइयों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को आवेदन देकर विद्यालय के तीन शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रसोइयों का दावा है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है, जबकि शिक्षकों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासनिक स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है.
यह मामला पहले से ही संवेदनशील बना हुआ था, क्योंकि 23 जुलाई को विद्यालय में बने मध्याह्न भोजन में सांप जैसा कीड़ा मिलने की सूचना के बाद अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था. घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया था, चार रसोइयों को सेवा से हटा दिया गया था और एमडीएम बीआरपी को भी चौथम प्रखंड से हटा दिया गया था. अब नए आरोप सामने आने के बाद पूरे मामले की दिशा बदलती नजर आ रही है.
रसोइयों ने डीईओ को दिया आवेदन
बर्खास्त रसोइया सुलेखा देवी, मनोरमा देवी, अनिला देवी और नीलम देवी ने अधिकारियों को दिए आवेदन में कहा है कि उन्होंने भोजन तैयार करने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की.
उनका आरोप है कि विद्यालय के तीन शिक्षक रोहित, बीरबल और विक्रम ने मिलकर उन्हें फंसाने की साजिश रची. आवेदन में दावा किया गया है कि पिछले लगभग 15 दिनों से संबंधित शिक्षक विद्यालय के राशन से अपने लिए विशेष भोजन बनवाने का दबाव बना रहे थे.
विशेष भोजन बनाने से इनकार के बाद विवाद बढ़ने का दावा
रसोइयों के आवेदन के अनुसार उन्होंने इस मांग की जानकारी प्रधानाध्यापिका को दी थी.
आवेदन में कहा गया है कि प्रधानाध्यापिका ने विशेष भोजन बनाने से मना कर दिया था. इसके बाद संबंधित शिक्षकों द्वारा कथित रूप से भोजन में सांप जैसा कीड़ा डालकर उन्हें फंसाने की कोशिश की गई. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच पूरी होने तक इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है.
23 जुलाई की घटना के बाद हुई थी कार्रवाई
विद्यालय में 23 जुलाई को मध्याह्न भोजन में सांप जैसा कीड़ा मिलने की सूचना के बाद अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में हंगामा किया था.
घटना को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया, चार रसोइयों को पद से हटा दिया और एमडीएम बीआरपी का स्थानांतरण भी कर दिया.
24 जुलाई से बंद है एमडीएम
स्थानीय लोगों के अनुसार 24 जुलाई से विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना बंद है.
इसका असर सीधे तौर पर उन बच्चों पर पड़ रहा है जो प्रतिदिन विद्यालय में भोजन प्राप्त करते थे. ग्रामीणों का कहना है कि जांच जितनी लंबी चलेगी, उसका प्रभाव छात्रों की पढ़ाई और पोषण दोनों पर पड़ेगा.
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
धुतौली पंचायत की मुखिया डॉ पार्वती कुमारी ने भी जिला पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो निर्दोष लोगों को न्याय मिलना चाहिए. गांव में इस मामले को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं.
Khagaria News: बीईओ बोले- जानकारी नहीं मिली
चौथम के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है.
अब पूरे मामले में सभी की नजर जिला शिक्षा विभाग की जांच पर टिकी है. यदि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच होती है, तो यह मामला केवल एमडीएम की गुणवत्ता तक सीमित न रहकर विद्यालयी प्रशासन और कार्यस्थल संबंधों की जांच का विषय भी बन सकता है.
Also Read: Bihar Student Protest: जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव, सरकार के आदेश के बाद मिली जमानत
