Khagaria News : खगड़िया जिले के गंगौर थाना क्षेत्र के रहुआ गांव में सोमवार सुबह एक 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है. मृतका अपने पीछे दो छोटे बेटे और महज दो माह की एक बेटी छोड़ गई है. मृतका के पिता ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
सुबह सामने आई घटना, गांव में पसरा मातम
सदर प्रखंड अंतर्गत बरैय पंचायत के रहुआ वार्ड संख्या-15 में सोमवार की अहले सुबह विवाहिता निशा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जानकारी सामने आई. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है. मृतका की पहचान रहुआ निवासी नेकू पासवान की 30 वर्षीय पत्नी निशा देवी के रूप में हुई है. परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
पिता ने मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप
मृतका के पिता रोहित पासवान, जो बेगूसराय जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र के समसा गांव के निवासी हैं, ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. उनके अनुसार रविवार रात करीब आठ बजे बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी और उस समय सब कुछ सामान्य लगा था. लेकिन सोमवार तड़के उन्हें बेटी की मौत की सूचना मिली, जिससे पूरा परिवार सदमे में आ गया.
रोहित पासवान का आरोप है कि उनकी बेटी पिछले करीब एक महीने से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थी. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
इस घटना ने तीन मासूम बच्चों का जीवन भी प्रभावित कर दिया है. निशा देवी अपने पीछे दो छोटे बेटे और महज दो माह की एक दूधमुंही बेटी छोड़ गई हैं. घर के बाहर जुटे ग्रामीण बच्चों की स्थिति देखकर भावुक हो उठे. स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और निष्पक्ष जांच की मांग की.
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद गंगौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. थानाध्यक्ष श्यामसुंदर पासवान ने बताया कि मृतका के पिता ने दिल्ली से घटना की सूचना दी थी. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर मौत के कारणों की जांच की जाएगी. यदि जांच में प्रताड़ना या किसी अन्य आपराधिक तथ्य की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
