कोसी का कहर, गांव से सिर्फ 5 मीटर दूर पहुंची नदी, पचबीघी बचाने के लिए युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग

Khagaria Flood News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड में कोसी नदी का कटाव अब इतमादी पंचायत के पचबीघी गांव के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 380 मीटर क्षेत्र में फ्लड फाइटिंग का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

बेलदौर(खगड़िया) से रिपोर्ट

Khagaria Flood News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड में कोसी नदी एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा रही है. इतमादी पंचायत के पचबीघी गांव के पास नदी का कटाव इतना तेज हो गया कि धार गांव से महज 5 मीटर की दूरी तक पहुंच गई. खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने 380 मीटर क्षेत्र में युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग शुरू कर दी है. प्रशासन के साथ ग्रामीण भी दिन-रात गांव को बचाने की जंग लड़ रहे हैं. महिलाएं भी बोरे और बांस उठाकर बचाव कार्य में जुट गई हैं.

गांव के बेहद करीब पहुंची कोसी, बढ़ी लोगों की चिंता

बेलदौर प्रखंड की इतमादी पंचायत स्थित पचबीघी गांव के समीप कोसी नदी का कटाव लगातार चिंता का कारण बना हुआ है. नदी की तेज धार अब गांव से केवल पांच मीटर दूर रह गई है. ऐसे में ग्रामीणों के सामने अपने घर, खेत और गांव को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तत्काल फ्लड फाइटिंग का कार्य शुरू कराया है. विभाग का दावा है कि कटाव को रोकने और गांव की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

380 मीटर क्षेत्र में युद्धस्तर पर चल रहा बचाव कार्य

कटाव प्रभावित 380 मीटर लंबे क्षेत्र में चार ठेकेदारों की टीम लगातार काम कर रही है. ठेकेदार विनय कुमार, राजू कुमार, अमित कुमार और मां प्रमेश्वरी की टीम एनसी बोरा, बांस रोल और हाथीपांव पिचिंग के जरिए नदी की धार को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है.

मजदूरों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी बचाव कार्य में जुटे हैं. गांव के लोग बोरे भरने, बांस लगाने और सामग्री पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं.

अधूरे हाथीपांव निर्माण पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि हाथीपांव पिचिंग का कार्य कई स्थानों पर अधूरा छोड़ दिया गया था, जिसकी वजह से कटाव का खतरा और बढ़ गया है.

इतमादी पंचायत के मुखिया हिटलर शर्मा स्वयं बोरे उठाकर बचाव कार्य में शामिल हैं. उनके साथ पंचायत समिति सदस्य मुनेश कुमार, मनोज पासवान, विकास पासवान, जयजय राम शर्मा सहित कई ग्रामीण तटबंध पर डटे हुए हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले ही स्थायी कटावरोधी कार्य पूरा कर लिया गया होता, तो आज गांव पर इतना बड़ा संकट नहीं आता.

महिलाओं ने भी संभाला मोर्चा

पचबीघी गांव में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी बचाव अभियान का अहम हिस्सा बनी हुई हैं. महिलाएं सिर पर बोरे और हाथों में बांस लेकर फ्लड फाइटिंग कार्य में सहयोग कर रही हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि गांव बचाने की इस लड़ाई में हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दे रहा है. गांव में एकजुटता का ऐसा उदाहरण देखने को मिल रहा है, जहां पूरा समाज संकट की घड़ी में साथ खड़ा है.

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हर साल कोसी से लड़ाई, स्थायी समाधान की मांग

मुखिया हिटलर शर्मा ने कहा कि हर वर्ष कोसी नदी गांव के लिए संकट लेकर आती है. उनका आरोप है कि तटबंध और स्थायी स्पर निर्माण नहीं होने के कारण पचबीघी हमेशा कटाव के खतरे में रहता है.

उन्होंने सरकार से स्थायी कटावरोधी योजना लागू करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गांव का अस्तित्व बचाना मुश्किल हो जाएगा.

प्रशासन का दावा, स्थिति पर लगातार नजर

बेलदौर के अंचलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि पचबीघी में कटाव की गंभीरता को देखते हुए 380 मीटर क्षेत्र में फ्लड फाइटिंग का कार्य लगातार जारी है. चार ठेकेदारों की टीम मौके पर काम कर रही है और बोरे, बांस तथा अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की गई है.

उन्होंने बताया कि हाथीपांव का बचा हुआ कार्य भी जल्द शुरू कराया जाएगा. जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है.

विभागीय अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सक्रिय कटाव पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है और अब संभावित कटाव को रोकने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य चल रहा है. पिछले दो दिनों से कोसी नदी के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है. बुधवार शाम बलतारा गेज पर नदी का जलस्तर लगभग 32 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि खतरे का निशान 33.85 मीटर है. इसके बावजूद प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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