खगड़िया के करुआ मोड़ चौक पर खड़ा खोखला बरगद बना खतरा, दुकानदारों ने कहा कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

खगड़िया जिले के करुआ मोड़ चौक पर वर्षों पुराना बरगद का पेड़ अंदर से खोखला होकर लोगों के लिए डर का सबब बन गया है. लगातार गिरती टहनियों से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों में भय का माहौल है, और वे प्रशासन से जल्द से जल्द पेड़ को हटाने की मांग कर रहे हैं.

Khagaria News: खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड के करुआ मोड़ चौक पर खड़ा वर्षों पुराना बरगद का पेड़ अब लोगों के लिए छांव नहीं, बल्कि डर की वजह बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ अंदर से पूरी तरह खोखला हो चुका है और इसकी कमजोर टहनियां अक्सर सड़क पर गिरती रहती हैं. चौक पर दिनभर वाहनों और राहगीरों की भीड़ रहती है. ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

हर गुजरने वाला व्यक्ति अनहोनी की आशंका के साथ निकल रहा

करुआ मोड़ चौक चौथम प्रखंड का एक व्यस्त इलाका है. यहां आसपास के गांवों से आने-जाने वाले लोग, छोटे-बड़े वाहन, दुकानें और रोजमर्रा की गतिविधियां लगातार चलती रहती हैं. इसी चौक पर वर्षों पुराना बरगद का पेड़ अब जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है.

स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ का तना अंदर से पूरी तरह खोखला हो गया है. कई शाखाएं कमजोर हो चुकी हैं और समय-समय पर टूटकर सड़क पर गिर जाती हैं. इससे राहगीरों और दुकानदारों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है.

दुकानदारों ने बताया, कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं

करुआ मोड़ चौक के दुकानदार सूरज कुमार, हिमांशु कुमार, सोनू कुमार, राजू कुमार, मंजीत कुमार और रंजीत कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि पेड़ की सूखी और कमजोर टहनियां अक्सर गिरती रहती हैं. कई बार राहगीर इसकी चपेट में आने से चोटिल भी हो चुके हैं.

स्थानीय राजद नेता सुमित कुमावत ने भी कहा कि बरगद का पेड़ अब अपनी उम्र पूरी कर चुका है और उसकी वर्तमान स्थिति बेहद खतरनाक है. उनका कहना है कि यदि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

सबसे ज्यादा खतरा भीड़भाड़ वाले समय में

चौक पर सुबह और शाम के समय सबसे अधिक भीड़ रहती है. स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान, स्थानीय व्यापारी और यात्री इसी रास्ते से गुजरते हैं. यदि अचानक पेड़ का कोई बड़ा हिस्सा टूटकर गिरता है या पूरा पेड़ धराशायी हो जाता है तो कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी घटनाओं का इंतजार नहीं करना चाहिए. समय रहते जोखिम वाले पेड़ों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाया जाना जरूरी है.

प्रशासन ने क्या कहा

चौथम के अंचल अधिकारी (सीओ) रविराज ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी और जर्जर बरगद के पेड़ को हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी.

उनके अनुसार उद्देश्य यही है कि किसी भी प्रकार की अनहोनी होने से पहले जोखिम को समाप्त किया जाए.

Khagaria News: लोगों की मांग, जल्द हो कार्रवाई

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की पहल का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि कार्रवाई जल्द से जल्द होनी चाहिए. उनका मानना है कि बरगद का पेड़ ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व जरूर रखता है, लेकिन जब वह लोगों की जान के लिए खतरा बनने लगे तो सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है.

अब सभी की नजर इस बात पर है कि वन विभाग और प्रशासन कब तक संयुक्त रूप से कार्रवाई कर इस संभावित खतरे को खत्म करते हैं.

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By Dhiraj kumar singh

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