बेलदौर के स्कूल में MDM नहीं बना, रिकॉर्ड में 84 बच्चों की उपस्थिति पर उठे सवाल

खगड़िया के बेलदौर प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन (MDM) और छात्रों की उपस्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं. रिकॉर्ड में 84 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि स्कूल में केवल 20-25 बच्चे ही मौजूद थे और उन्हें खाना भी नहीं मिला.

Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के एक सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन (MDM) और छात्रों की उपस्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्राथमिक विद्यालय मेहता वासा, दिघौन पंचायत में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब अभिभावकों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागज पर 84 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि स्कूल में केवल 20-25 बच्चे मौजूद थे. सबसे बड़ी बात यह रही कि जिन बच्चों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई, उन्हें उस दिन मध्याह्न भोजन भी नहीं मिला. मामले की शिकायत के बाद जांच की बात कही गई है.

MDM नहीं मिलने पर भड़के अभिभावक

गुरुवार को विद्यालय में पढ़ने वाले कई बच्चों ने बताया कि उन्हें उस दिन मध्याह्न भोजन नहीं दिया गया.

छात्र शिवम, शिवानी, सोनाक्षी, सोनू और पंकज ने कहा कि स्कूल में खाना नहीं बना था. इसके बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और स्कूल प्रबंधन पर अनियमितता का आरोप लगाया.

रसोइयों ने बताई खाना नहीं बनने की वजह

विद्यालय की रसोइया शोभा देवी और लुसी देवी ने बताया कि रसोई गैस खत्म हो गई थी.

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानाध्यापक की ओर से खाना बनाने के लिए सिर्फ 400 ग्राम मसूर दाल उपलब्ध कराई गई थी, जिससे भोजन तैयार करना संभव नहीं था.

प्रधानाध्यापक ने स्वीकार किया, नहीं बना था खाना

विद्यालय के प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार रमन ने भी स्वीकार किया कि गुरुवार को स्कूल में मध्याह्न भोजन नहीं बना था.

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि छात्रों की उपस्थिति भेजी गई थी, जिससे ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर विद्यालय प्रबंधन पर सवाल और गहरे हो गए हैं.

नामांकन 106, लेकिन मौके पर सिर्फ 20-25 बच्चे

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में कुल 106 छात्र नामांकित हैं.

इसके बावजूद जिस दिन हंगामा हुआ, उस दिन स्कूल परिसर में केवल 20 से 25 छात्र-छात्राएं ही मौजूद थे, जबकि रिकॉर्ड में 84 बच्चों की उपस्थिति दर्ज बताई गई.

मार्च से नहीं हुई विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक

विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव सुजाता कुमारी और अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मार्च महीने से विद्यालय शिक्षा समिति की एक भी बैठक नहीं हुई है.

उनका कहना है कि नियमित बैठक नहीं होने से मध्याह्न भोजन और अन्य योजनाओं की निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ गई है. यदि समय पर बैठक होती, तो ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सकता था.

MDM पदाधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन

मामले पर एमडीएम पदाधिकारी रोहित राउत ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ.

Khagaria News: ग्रामीणों की मांग, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

ग्रामीणों ने विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की विस्तृत जांच कराने और कथित फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए विद्यालय स्तर पर पारदर्शिता और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है.

Also Read: 28 अगस्त की आधी रात से बंद होगा विक्रमशिला सेतु, 3 महीने ठप रहेगा परिचालन, 30 नवंबर से शुरू होगा स्थायी सफर

Also Read: बिहार के शिक्षा मंत्री बोले- पहले आएगा STET का रिजल्ट, TRE 4 भर्ती परीक्षा में STET पास कैंडिडेट ही बैठेंगे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amit kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >