परबत्ता : प्रखंड की सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग स्थित बदहाल खादी ग्रामोद्योग केंद्र परिसर से शीशम के पेड़ काटे जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों के बीच पहले से अलग-अलग मत सामने आ रहे थे. अब बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष अभय कुमार चौधरी के जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देने के बाद मामला प्रशासन के समक्ष पहुंच गया है.
संघ अध्यक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष अभय कुमार चौधरी ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर परिसर में पेड़ों की कटाई से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने आवेदन में पेड़ों की कटाई से संबंधित तथ्यों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
वर्षों से बंद पड़ा है परिसर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खादी ग्रामोद्योग संघ का यह परिसर लंबे समय से बंद और बदहाल स्थिति में पड़ा है. ग्रामीणों का कहना है कि परिसर में लंबे समय से असामाजिक तत्वों और नशा करने वालों का जमावड़ा रहता था. इस कारण आसपास के लोग भी परिसर में जाने से कतराते थे.
वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि परिसर के विकास और जीर्णोद्धार के उद्देश्य से पेड़ों की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल करने की योजना थी.
पेड़ काटने के तरीके पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों के दूसरे पक्ष का कहना है कि यदि परिसर के जीर्णोद्धार के लिए पेड़ों की बिक्री की योजना थी, तो स्थानीय लोगों और खादी ग्रामोद्योग संघ से जुड़े सदस्यों को विश्वास में लेकर आम सहमति बनायी जानी चाहिए थी.
इन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई चोरी-छिपे की गयी है और इसकी जांच जरूरी है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाये जाने वाले लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों के बीच अलग-अलग तर्क सामने आने के बाद अब मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है. ऐसे में परिसर से पेड़ों की कटाई किन परिस्थितियों में हुई और इसमें नियमों का पालन किया गया या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर होने वाली जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजर टिकी हुई है.
