इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचिंग व नॉन टीचिंग कर्मियों को दी गयी लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण की जानकारी
इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचिंग व नॉन टीचिंग कर्मियों को दी गयी लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण की जानकारी
जागरूकता कार्यशाला में सी-बॉक्स पोर्टल की दी गयी जानकारी खगड़िया. कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व गरिमामय वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में सी-बॉक्स (सेक्सुअल हरासमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) पोर्टल से संबंधित जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मणि भूषण ने की. कार्यशाला का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित सी-बॉक्स पोर्टल के बारे में महाविद्यालय के शिक्षण (टीचिंग) व गैर-शिक्षण (नॉन-टीचिंग) कर्मचारियों को जानकारी प्रदान करना था. कार्यक्रम के माध्यम से सुरक्षित, सम्मानजनक व भयमुक्त कार्यस्थल की आवश्यकता पर बल दिया गया. कार्यशाला के दौरान विभागाध्यक्ष सह नोडल अधिकारी प्रियंका सिन्हा द्वारा सी-बॉक्स पोर्टल के महत्व, उद्देश्य, पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की विधि, शिकायतकर्ता की गोपनीयता तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह पोर्टल कार्यस्थल पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की शिकायतों को दर्ज करने का एक सशक्त व विश्वसनीय डिजिटल माध्यम है. जिससे पीड़ित महिलाएं बिना किसी दबाव के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है. महाविद्यालय के सभी शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विषय से संबंधित अपने प्रश्न पूछा. जिनका संतोषजनक समाधान किया गया. प्राध्यापकों ने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाओं को अत्यंत उपयोगी व समयानुकूल बताया. प्राचार्य डॉ मणि भूषण ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया. ताकि सभी कर्मचारी अपने अधिकारों, कर्तव्यों व उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के प्रति पूर्णतः जागरूक रह सकें. यह जागरूकता कार्यशाला महाविद्यालय परिसर में सकारात्मक, सुरक्षित व संवेदनशील कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व सराहनीय पहल सिद्ध हुई.
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