कार्यक्रम में छात्रों को बैंकिंग फ्रॉड व साइबर अपराधों से बचने की दी जानकारी

कार्यक्रम में छात्रों को बैंकिंग फ्रॉड व साइबर अपराधों से बचने की दी जानकारी

खगड़िया. कोसी कॉलेज में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक सेवा योजना व साइबर पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में साइबर सिक्युरिटी अवरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता कोशी कॉलेज के प्राचार्य प्रो डॉ नागेन्द्र कुमार शर्मा व संचालन डॉ कुण्डल कुमार ने किया. मुख्य अतिथि साइबर डीएसपी निशांत गौरव थे. विषय प्रवेश कार्यक्रम पदाधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना डॉ कुमार बलवंत सिंह ने कहा कि साइबर अपराध, साइबर सुरक्षा, बचाव के उपाय व कृत्रिम बुद्धिमता पर छात्रों के बीच बातों को रखा. मुख्य अतिथि साइबर डीएसपी ने पीपीटी माध्यम से साइबर क्राइम एण्ड साइबर सिक्युरिटी तक के हरेक पहलुओं पर वर्कशॉप आयोजन किया. वहीं छात्रों को साइबर सिक्युरिटी के कई फीचर, एम कवच-2, साइबर फ्रॉड, एआई से उत्पन्न संभावित अपराधों पर भी बचाव के कारणों एवं तरीकों से अवगत कराया. इतिहास विभाग के डॉ प्रभात कुमार ने विचार से बच्चों को सावधानी बरतने पर जोर डाला. प्रभारी प्राचार्य ने साइबर अन्तरजाल से उत्पन्न समस्याओं से निकलने व सावधान रहने पर बल दिया. प्राध्यपक लक्ष्मीकांत झा, डॉ कुन्दन कुमारी, डॉ योगेश चन्द्र कुमार, डॉ आशुतोष भारती, ललितेश्वर कुमार, डॉ छवी कुमारी, डॉ जयनंदन सिंह, डॉ धीरज कुमार, डॉ संजय मांझी, डॉ हुमायुं अख्तर, डॉ मिथलेश कुमार आदि ने साइबर अपराध एवं सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला में छात्रों का मार्गदर्शन किया. कार्यशाला में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छात्र छात्राओं सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने भाग लिया. मौके पर छात्र अभिजित राजु, अमन परेल, पंकज कुमार, सौरभ कुमार, सुशांत कुमार, प्रमोद कुमार, राहुल कुमार, अंकित कुमार, रिया, प्रियदर्शिनी, काजल, नितिश, विश्वास, रिश्वत कुमार, सौम्य दीप, आलोक गुप्ता, साहिल राज, मुस्कान राज, कुमार शुभम दीप, मुस्कान कुमारी, टिया कुमारी, रिया कुमारी, राखी कुमारी, करीना कुमारी आदि ने भाग लिया.

किसी भी अनजान फोन या वीडियो कॉल को तुरंत उठाने से करें परहेज

डीएसपी ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों के खतरे से अवगत कराया. कहा कि इन अपराधों से बचाव के लिए लोगों को पूरी जानकारी होनी चाहिए. कहा कि केवल जागरूकता से ही स्वयं तथा अन्य लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सकता है. शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भी छात्रों को आवश्यक सलाह एवं दिशा-निर्देश दिये. कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी साइबर सुरक्षा को लेकर अपने सवाल पूछे और जागरूकता बढ़ाने के महत्व को समझा. किसी भी अनजान फोन कॉल या वीडियो कॉल को झट से उठाना जोखिमपूर्ण होता है, क्योंकि इसी प्रकार से कई लोग ठगी का शिकार बन जाते हैं. साइबर ठगी के शिकार लोगों पर भावनात्मक दबाव डालकर बड़ी ठगी की जाती है. अनजान लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से बचें.

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By RAJKISHORE SINGH

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