Khagaria News: खगड़िया में सरकारी राशन व्यवस्था से जुड़े कामकाज के बीच गोगरी में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया है. वजह विभागीय काम का बढ़ता दबाव और इसके मुकाबले पर्याप्त मानव बल व संसाधनों की कमी बतायी जा रही है.
बिहार आपूर्ति सेवा संघ के आह्वान पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी गोगरी विमलेश कुमार ने शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया. संघ की ओर से 20 से 26 अगस्त तक चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है. इस विरोध के जरिये आपूर्ति पदाधिकारियों ने सरकार का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर खींचने की कोशिश की है.
मामला केवल अधिकारियों की सुविधा से जुड़ा नहीं है. आपूर्ति व्यवस्था में संसाधनों की कमी का असर आगे चलकर राशन कार्ड बनाने, जन वितरण प्रणाली और लाभुकों तक राशन पहुंचाने जैसे कामों पर भी पड़ सकता है.
अतिरिक्त काम का दबाव, संसाधनों की कमी से बढ़ी परेशानी
एमओ विमलेश कुमार ने बताया कि आपूर्ति पदाधिकारियों से विभागीय कार्यों के अलावा कई अतिरिक्त काम भी लिये जा रहे हैं. दूसरी ओर इन कामों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानव बल और जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं.
राशन कार्ड अभियान समेत अन्य कार्यों में निर्धारित लक्ष्य और समय-सीमा के कारण अधिकारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में उपलब्ध संसाधनों के भीतर सभी कार्यों को समय पर पूरा करना चुनौती बन रहा है.
संघ का कहना है कि काम की जिम्मेदारी बढ़ाने के साथ उसके अनुरूप कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था भी की जानी चाहिए.
राशन कार्ड अभियान के लिए मांगे कंप्यूटर और इंटरनेट
बिहार आपूर्ति सेवा संघ की प्रमुख मांगों में राशन कार्ड अभियान के लिए पर्याप्त मानव बल उपलब्ध कराना शामिल है.
इसके साथ ही कंप्यूटर, इंटरनेट, वाहन और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने की मांग की गयी है. आपूर्ति पदाधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में विभागीय कार्यों को प्रभावी तरीके से पूरा करने में परेशानी होती है.
विशेष रूप से डिजिटल माध्यम से होने वाले कामों के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाएं जरूरी हैं. वहीं क्षेत्र में जांच और निगरानी से जुड़े कार्यों के लिए वाहन की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
सेवा हित की लंबित मांगों पर भी निर्णय की मांग
संघ ने केवल संसाधनों की कमी का मुद्दा नहीं उठाया है. आपूर्ति पदाधिकारियों से जुड़ी लंबित सेवा हित की मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गयी है.
एमओ विमलेश कुमार ने कहा कि यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है.
पहले चरण में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया जा रहा है. इसके बाद आंदोलन का स्वरूप और अधिक व्यापक होने की चेतावनी दी गयी है.
26 अगस्त तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
बिहार आपूर्ति सेवा संघ के आह्वान पर आंदोलन 20 से 26 अगस्त तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है. इसी क्रम में गोगरी में एमओ ने कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया.
संघ की मांग है कि सरकार आपूर्ति पदाधिकारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ लंबित मांगों पर निर्णय करे.
मांगें नहीं मानी गयीं तो सामूहिक अवकाश और हड़ताल
संघ ने आगे की रणनीति को लेकर भी चेतावनी दी है. यदि पहले चरण के सांकेतिक विरोध के बाद सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती है, तो सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया जा सकता है.
इसके बाद हड़ताल का रास्ता भी अपनाने की बात कही गयी है.
अगर आंदोलन हड़ताल तक पहुंचता है, तो इसका असर जन वितरण प्रणाली की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर पड़ने की आशंका है. ऐसे में राशन व्यवस्था से जुड़े लाभुकों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण हो जाता है.
Khagaria News: संसाधन मिलेंगे तो पीडीएस संचालन होगा बेहतर
एमओ विमलेश कुमार ने कहा कि पर्याप्त मानव बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से जन वितरण प्रणाली को सुचारु और बेहतर तरीके से संचालित करने में सुविधा होगी.
अब देखना यह है कि 26 अगस्त तक चलने वाले चरणबद्ध आंदोलन के दौरान सरकार और विभाग की ओर से आपूर्ति सेवा संघ की मांगों पर क्या पहल की जाती है. फिलहाल काली पट्टी के जरिये शुरू हुआ विरोध आगे किस दिशा में जाता है, यह प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगा.
