– पुलिस के पहुंचने से पहले रेस्ट हाउस में ताला लगाकर संचालक व कर्मी हो गया फरार
– संचालक के घर दुखा टोला में भी पुलिस ने की छापेमारी, नहीं मिली सफलताखगड़िया. एनएच 31 किनारे महेशखूंट थाना क्षेत्र के इंग्लिश टोला के समीप आयुष रेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट संचालन की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की. बुधवार की दोपहर गोगरी डीएसपी साक्षी कुमारी के नेतृत्व में रेस्ट हाउस में छापेमारी की गयी. हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले सेक्स रैकेट संचालक व कर्मी रेस्ट हाउस में ताला लगाकर फरार हो गये. पुलिस ने रेस्ट हाउस की घेराबंदी कर तलाशी की. रेस्ट हाउस के नीचे संचालित निजी अस्पताल की जांच की गयी. रेस्ट हाउस में लगे ताले को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन ताला नहीं टूटा. डीएसपी ने इस दौरान संचालक व मकान मालिक के बारे में पूछताछ की. डीएसपी ने दल बल के साथ संचालक के घर दुखा टोला में छापेमारी की. लेकिन, इससे पहले सेक्स रैकेट संचालक फरार हो गया. हालांकि, डीएसपी ने रैकेट के संचालन में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी का आदेश दिया.
मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में की गयी छापेमारी
गोगरी डीएसपी साक्षी कुमारी को जानकारी मिलते ही दल बल के साथ महेशखूंट थाना क्षेत्र के एनएच 31 किनारे आयुष रेस्ट हाउस को घेराबंदी कर लिया. इसी दौरान मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किया गया. मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में रेस्ट हाउस में लगे ताला को खोलने का प्रयास किया गया. लेकिन, ताला नहीं खुल पाया. आशंका जताया गया कि कमरे के अंदर सेक्स रैकेट चल रहा था. इसीलिए संचालक ताला लगाकर फरार हो गया. डीएसपी ने थानाध्यक्ष को अविलंब संचालक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया.
अस्पताल संचालक व कर्मियों से डीएसपी ने की पूछताछ
डीएसपी ने निजी अस्पताल के संचालक व स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ किया. पूछताछ में संचालक ने सेक्स रैकेट के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही. लेकिन, स्वास्थ्य कर्मियों ने माना कि ऊपरी भवन के कमरे में अवैध धंधा होता है. कर्मियों ने कहा कि पुलिस के आने से पहले धंधेबाज फरार हो गया. लेकिन, कमरे के अंदर कोई है. डीएसपी ने अस्पताल संचालक के बयान का वीडियो कराया. साथ ही संचालक के बारे में गहन पूछताछ की. जिसमें दुखा टोला के एक व्यक्ति का नाम सामने आया.
पहले भी रेस्ट हाउस में की गयी थी छापेमारी
बताया जाता है कि महेशखूंट एनएच 31 उपस्वास्थ्य केन्द्र के समीप वर्षों से सेक्स रैकेट चल रहा है. स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने कई बार छापेमारी की. लेकिन, पुलिस डाल-डाल तो धंधेबाज पात पात चल रहा है. पुलिस के पहुंचने से पहले हर बार सेक्स रैकेट के संचालक व कर्मी फरार हो जाता है. लोगों ने बताया कि इस जगह प्राइवेट कॉलेज व अस्पताल व घनी आबादी वाला गांव है. लोगों को रास्ते से होकर गुजरने में शर्मिंदगी महसूस होती है. स्थानीय जनप्रतिनिधि व लोगों को कहकर थक गया, लेकिन मकान मालिक अवैध कारोबार को बंद नहीं किया. बताया जाता है कि संचालक का जगह-जगह गुप्तचर है. पुलिस के आने की सूचना पहले ही सेक्स रैकेट संचालक को मिल जाता है. जिससे संचालक व कर्मी फरार हो जाता है.
ग्राउंड फ्लोर पर निजी अस्पताल व पहली मंजिल पर अवैध धंधा
महेशखूंट थाना से महज 400 मीटर की दूरी पसराहा की और एनएच 31 किनारे एक निजी भवन अवैध कारोबार से हमेशा चर्चा में रहा है. पुलिस एक-दो माह में किसी ना किसी वजह से छापेमारी करती रहती है. यह भवन दो मंजिला है. नीचे वाले फ्लोर पर निजी अस्पताल का संचालन होता है. जबकि उपरी मंजिल पर सेक्स रैकेट का संचालन होता है. अस्पताल में भर्ती मरीज व उसके परिजनों को शर्मिंदगी महसूस होती है. प्रतिदिन दर्जनों अय्यास लोग आते हैं. अस्पताल में भर्ती मरीज व कर्मी को भी गलत निगाह से देखते हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त भवन में अवैध रूप से हॉस्पिटल व रेस्ट हाउस का संचालन किया जाता है. रेस्ट हाउस के अंदर सेक्स रैकेट संचालन किए जाने की सूचना पर पहले भी छापेमारी हो चुकी है.सिर्फ दिखावे के लिए लगा है सीसीटीवी, रहता है बंद
निजी अस्पताल के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. लेकिन, सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया है. जब डीएसपी छापेमारी करने पहुंचे तो अस्पताल संचालक को सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा, लेकिन संचालक ने खराब होने की बात कही. अस्पताल संचालक की माने तो मकान मालिक ने पहले सीसीटीवी कैमरा लगाने से मना किया था. जब सीसीटीवी कैमरा लगा दिया तो उसे खराब या खोलने की दवाब बनाया. हालांकि तब से सीसीटीवी बंद पड़ा हुआ है.
गांव की भोली भाली महिलाएं व युवतियों को लालच देकर बुलाया जाता होटल
बताया जाता है कि रेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट के संचालक गांव की भोली भाली जरूरतंद महिलाएं व युवतियों को रूपये का लालच देकर बुलाया जाता है. फिर संचालक द्वारा प्रतिदिन पांच हजार से 10 हजार रूपये आमदनी बात कहकर अवैध धंधे में धकेल दिया जाता है. संचालक द्वारा महिलाओं को सुबह नौ बजे से शाम के पांच बजे तक रेस्ट हाउस में रहने की बात कही जाती है. ताकि परिजन को अवैध धंधा का पता नहीं चले. स्थानीय लोगों ने बताया कि संचालक में संपर्क में दर्जनों महिलाएं युवती है. जो सफेदपोश को खुश करने के लिए भेजता है. जिसके कारण संचालक निडर होकर सेक्स रैकेट चलाता है. बताया जाता है कि जब युवती एक बार होटल पहुंच जाती है तो संचालक द्वारा उसका ब्लैकमेल कर शोषण किया जाता है. वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है.कहते हैं डीएसपी
गोगरी डीएसपी साक्षी कुमारी ने बताया कि सेक्स रैकेट संचालन की सूचना मिलते ही छापेमारी की गयी. जांच की जा रही है.
