चौथम. प्रखंड के पूर्वी बोरने पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर तीन में शुक्रवार को डीआरडीए निदेशक मनीष कुमार ने मनरेगा योजना की जांच की. मालूम हो कि में मनरेगा के दो योजनाओं में राशि की निकासी के बावजूद कार्य पूरा नहीं करने एवं कार्य को अधूरा छोड़ने के बाद कार्य को बंद करने की शिकायत की गयी थी. जिसकी जांच करने डीआरडीए निदेशक मनीष कुमार कार्य स्थल पर पहुंच ग्रामीणों से योजनाओं की जानकारी ली. जांच के क्रम में मनरेगा के सहायक अभियंता द्वारा योजना की कार्य स्थल की मापी की गई. साथ ही कार्य योजना का भौतिक रूप से जायजा भी लिया गया. जांच के क्रम में स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग करते हुए कहा कि किसी भी तरह से यहां सड़क का निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए. गांव में सड़क नहीं रहने के कारण यहां के लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन इस ओर किसी अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कोई ध्यान नहीं है. ग्रामीणों ने मांग किया है कि किसी भी तरह से सड़क बनवा दीजिए. नहीं तो सड़क के लिए आंदोलन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण युवा नेता गणेश पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन डीएम सहित विभिन्न अधिकारियों को दिया। जिसके बाद मामले की जांच को लेकर डीआरडीए निदेशक पहुंचे थे. जांच के क्रम में युवा नेता गणेश पटेल सहित पीटीए अरविंद कुमार, पीआरएस आदि मौजूद थे.
मनरेगा योजना की जांच को पटेल नगर पहुंचे डीआरडीए निदेशक
साथ ही कार्य योजना का भौतिक रूप से जायजा भी लिया गया.
