पिता का साया बचपन में छूटा, चौथे प्रयास में BPSC पास कर बने खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी, गांव ने बैंड-बाजे से किया स्वागत

BPSC Success Story: बेलदौर के प्रियरंजन कुमार ने चौथे प्रयास में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी का पद हासिल किया है. उनकी सफलता पर ग्रामीणों ने बैंड-बाजे और जुलूस के साथ भव्य स्वागत कर सम्मानित किया. उन्होंने युवाओं को धैर्य और मेहनत से लक्ष्य पाने का संदेश दिया.

BPSC Success Story: सफलता अक्सर आखिरी कोशिश के बाद ही मिलती है. खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के कुर्बन पंचायत निवासी प्रियरंजन कुमार उर्फ चुनचुन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार तीन बार असफल होने के बावजूद तैयारी जारी रखी और चौथे प्रयास में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी बन गए. उनकी सफलता की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरा इलाका जश्न में डूब गया. तिलाठी चौक से लेकर उनके घर तक बैंड-बाजे, मोटरसाइकिल जुलूस और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया.

चौथे प्रयास में मिली सफलता, गांव ने बनाया यादगार दिन

बेलदौर प्रखंड के कुर्बन पंचायत निवासी प्रियरंजन कुमार ने चौथे प्रयास में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी का पद हासिल किया है.

शनिवार की देर शाम उनकी इस उपलब्धि पर तिलाठी चौक से लेकर पैतृक गांव कुर्बन तक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया. इसके बाद बैंड-बाजे, मोटरसाइकिल जुलूस और जयघोष के बीच उन्हें सकरोहर चौक से उनके घर तक ले जाया गया.

गांव पहुंचने पर आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया.

पिता के निधन के बाद भी नहीं टूटा हौसला

प्रियरंजन की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी है.

वे कुर्बन पंचायत स्थित मध्य विद्यालय गैधारसन की प्रधानाध्यापिका राजबाला वर्मा के पुत्र हैं. उनके पिता स्वर्गीय अविनाश कुमार मंडल भी शिक्षक थे, लेकिन करीब आठ वर्ष पहले लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया.

पिता के निधन के बाद परिवार के सामने कई चुनौतियां थीं. इसके बावजूद प्रियरंजन ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया. लगातार मेहनत करते रहे और आखिरकार चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर अपने परिवार का सपना पूरा किया.

मां और परिवार को दिया सफलता का श्रेय

सम्मान समारोह में प्रियरंजन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और परिवार के सभी सदस्यों को दिया.

उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करते रहना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी. तीन बार असफलता मिलने के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी और चौथे प्रयास में सफलता हासिल की.

उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता से निराश होने के बजाय धैर्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए.

BPSC Success Story: पूरे परिवार के लिए गर्व का पल

प्रियरंजन दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े हैं.

उनके छोटे भाई शेखर कुमार उर्फ अमित रंजन स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि बहन चांदनी कुमारी जीएनएम की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं.

उनके चाचा आद्य कुमार आलोक ने कहा कि पिता के निधन के बाद भी प्रियरंजन ने कभी हार नहीं मानी. लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया, जो पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है.

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता की कहानी

प्रियरंजन की उपलब्धि केवल एक सरकारी नौकरी पाने की कहानी नहीं है. यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान बार-बार असफलताओं का सामना करते हैं.

उनकी सफलता यह संदेश देती है कि एक-दो असफलताएं अंतिम मंजिल तय नहीं करतीं. यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो सफलता जरूर मिलती है.

ग्रामीणों का कहना है कि प्रियरंजन की उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्साहित होंगे.

BPSC Success Story: बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने दी शुभकामनाएं

सम्मान समारोह में मध्य विद्यालय दंदरोजा के शिक्षक अनिल कुमार, मध्य विद्यालय सठमा के प्रधानाध्यापक आद्य कुमार आलोक, मध्य विद्यालय कुर्बन के प्रधानाध्यापक शशि कुमार, डिग्री कॉलेज के प्राचार्य जयानंद सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि सह शिक्षक संजय कुमार, पूर्व सरपंच दरबारी भगत, रुद्र नारायण मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

प्रियरंजन की सफलता को पूरे क्षेत्र ने अपनी उपलब्धि मानते हुए उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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