बैंक अधिकारी बनकर आए तो रहें सावधान, चौथम में ग्राहकों को बताया ठगी से बचने का तरीका, 1930 पर करें शिकायत

चौथम स्थित बिहार ग्रामीण बैंक ने ग्राहकों को साइबर ठगी से बचने के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान चलाया. बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को ओटीपी, एटीएम पिन और अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी.

खगड़िया जिले के चौथम स्थित बिहार ग्रामीण बैंक शाखा में बुधवार को साइबर ठगी से बचाव को लेकर सतर्कता जागरूकता अभियान चलाया गया. क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश पर आयोजित अभियान में बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल की जानकारी दी और साइबर ठगों के नए तरीकों से सावधान रहने की अपील की.

OTP और ATM पिन किसी को नहीं देने की अपील

बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों को स्पष्ट किया कि ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, पासवर्ड और खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए. बैंक की ओर से फोन या मैसेज करके ऐसी जानकारी नहीं मांगी जाती है. इसलिए बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वालों से विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है.

KYC और इनाम के नाम पर हो रही ठगी

अभियान में ग्राहकों को ओटीपी फ्रॉड, फर्जी बैंक कॉल, ऑनलाइन ठगी, एटीएम फ्रॉड और डिजिटल पेमेंट से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में बताया गया. बैंक कर्मियों ने समझाया कि ठग खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि या किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बताकर लोगों को झांसे में लेते हैं.

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें

साइबर ठग कई बार खाता बंद होने, केवाईसी अपडेट नहीं होने या इनाम मिलने का झांसा देकर लोगों से बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं. ग्राहकों को अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर भरोसा नहीं करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई.

स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एप से रहें सावधान

बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को अज्ञात मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने को कहा. सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए भेजे गए लिंक पर बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से भी बचने की सलाह दी गई. इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल नहीं करने को कहा गया.

थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है बड़ी रकम

अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग ने लेन-देन को आसान बना दिया है, लेकिन छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. किसी ऑनलाइन लेन-देन से पहले पूरी तरह आश्वस्त होना जरूरी है. संदेह होने पर किसी अनजान व्यक्ति को जानकारी देने के बजाय सीधे बैंक शाखा से संपर्क करना चाहिए.

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

बैंक कर्मियों ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल बैंक को सूचना दें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं. समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है.

सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता का भी दिया संदेश

अभियान के दौरान साइबर सुरक्षा के साथ सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया. शाखा प्रबंधक अमित कुमार, अंशु कुमार, शक्ति सहित बैंक के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्राहक मौजूद रहे. बैंक कर्मियों ने ग्राहकों से खुद जागरूक रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सावधान करने की अपील की.

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By Dhiraj kumar singh

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