Snake Bite: खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र में धान की रोपाई के दौरान एक महिला को विषैले सांप ने डंस लिया. परिजनों की तत्परता से महिला को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर घर भेज दिया गया. स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में खेतों में काम करने वालों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है.
बरसात के मौसम में खेतों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं और किसान अक्सर ऐसे जोखिम के बीच काम करते हैं. यह घटना भी उसी खतरे की याद दिलाती है कि खेतों में काम करते समय थोड़ी सी लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है.
धान की रोपाई करते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बंदेहरा बासा (थलहा) गांव निवासी विलास पासवान की 50 वर्षीय पत्नी उमा देवी अपने खेत में धान की रोपाई कर रही थीं. इसी दौरान खेत में छिपे एक विषैले सांप ने उनके दाहिने पैर के अंगूठे में काट लिया.
सांप के काटते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और खेत में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी.
परिजनों की तत्परता से बची जान
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बिना किसी देरी के उमा देवी को बेलदौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया और आवश्यक दवाएं दीं.
अस्पताल सूत्रों के अनुसार समय पर इलाज मिलने के कारण महिला की स्थिति जल्द ही सामान्य होने लगी. कुछ समय निगरानी में रखने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताते हुए घर भेज दिया.
बरसात में बढ़ जाता है सांप के काटने का खतरा
स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना के बाद किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान खेतों, मेड़ों और पानी भरे इलाकों में सांप अधिक निकलते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना खतरनाक हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना चाहिए, क्योंकि समय पर चिकित्सा मिलने से अधिकांश मामलों में जान बचाई जा सकती है.
Snake Bite: ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की जरूरत
ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग सांप काटने के बाद पहले ओझा-गुनी या झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने की स्थिति में मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को अधिक न हिलाएं और तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं.
उमा देवी के मामले में परिजनों द्वारा समय पर अस्पताल पहुंचाने का फैसला ही सबसे महत्वपूर्ण साबित हुआ और उनकी जान सुरक्षित बच गई.
