परबत्ता. प्रखंड की सियादतपुर अगुआनी पंचायत अंतर्गत डुमरिया बुजुर्ग गांव स्थित अतिप्राचीन मां भगवती मंदिर परिसर शनिवार को भक्तिमय वातावरण में डूब गया. हर वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी नौ दिवसीय अखंड रामधुन महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ. मंदिर परिसर में "सीताराम-सीताराम" के अखंड संकीर्तन से पूरा क्षेत्र राममय हो उठा. बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ लिया.
विधायक ने भी किया रामनाम संकीर्तन
महायज्ञ के शुभारंभ पर आसपास के गांवों से महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच अखंड रामनाम संकीर्तन की शुरुआत हुई. इस दौरान परबत्ता के विधायक बाबूलाल शौर्य भी अपने समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे और कीर्तन मंडली के बीच बैठकर काफी देर तक रामनाम संकीर्तन में भाग लिया.
आस्था का प्रमुख केंद्र है मां भगवती धाम
मंदिर के पुजारी पंडित संतोष झा एवं चंद्रशेखर झा ने बताया कि मां भगवती का यह धाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और इच्छा पूरी होने पर विशेष पूजा-अर्चना तथा रामधुन का आयोजन कराते हैं.
नौ दिनों तक चलेगा अखंड संकीर्तन
आयोजकों ने बताया कि नौ दिनों तक आधा दर्जन कीर्तन मंडलियां बारी-बारी से अखंड रामनाम संकीर्तन करेंगी. श्रद्धालुओं और कीर्तन मंडलियों के लिए भोजन, प्रसाद एवं ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है.
जनसहयोग से बना भव्य मंदिर
ग्रामीण कार्यकर्ता राजीव कुंवर उर्फ पप्पू भाई, अजय कुंवर, राकेश कुमार उर्फ चुन्नी, सूरज कुमार एवं अमित कुमार ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह भव्य मंदिर गांव की एकता, जनसहयोग और धार्मिक आस्था का प्रतीक है. मंदिर निर्माण में गांव के वेतनभोगी लोगों ने एक माह का वेतन तथा किसानों ने अपनी उपज का हिस्सा दानस्वरूप दिया था. लगभग दो वर्षों की मेहनत से तैयार यह मंदिर आज क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है.
धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र
ग्रामीणों ने बताया कि नाग पंचमी, शारदीय नवरात्र सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है. नौ दिवसीय अखंड रामधुन महायज्ञ के शुभारंभ के साथ पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है.
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