ऑपरेशन सिंदूर के बाद घर लौट रहे वायुसेना जवान की ट्रेन से कटकर मौत, 7 मई को हुई थी शादी, मचा कोहराम

Operation Sindoor: मृतक के पिता ने बताया कि वायुसेना जवान कुणाल अमरनाथ एक्सप्रेस से घर लौट रहा था. सुबह चार बजे खगड़िया स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस से उतरता. लेकिन, इससे पहले गौछारी रेलवे स्टेशन के समीप ट्रेन से गिर गया.

Operation Sindoor: कटिहार-बरौनी रेलखंड पर स्थित गौछारी रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में भारतीय वायुसेना के जवान की जान चली गई. मृतक की पहचान खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र अंतर्गत खटाहा गांव निवासी रामविलास साह के पुत्र कुणाल कुमार के रूप में की गई है. वे भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे और छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे.

मौके पर ही हो गई मौत

जानकारी के अनुसार, कुणाल अमरनाथ एक्सप्रेस ट्रेन से यात्रा कर रहे थे और सुबह चार बजे खगड़िया स्टेशन पर उतरने वाले थे. लेकिन इससे पहले ही गौछारी स्टेशन के पास संदिग्ध परिस्थिति में ट्रेन से गिर पड़े, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी.

मचा कोहराम

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के बैग से वायुसेना का पहचान पत्र बरामद किया, जिससे उसकी पहचान हुई. इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई. पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया. शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है.

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जाना था अमेरिका

परिजनों ने बताया कि कुणाल वर्तमान में गाजियाबाद में पोस्टेड थे और ऑपरेशन सिंदूर मिशन के बाद छुट्टी पर घर लौट रहे थे. वे बागडोरा से नागपुर (एनजीपी) पहुंचे और वहां से अमरनाथ एक्सप्रेस से खगड़िया के लिए रवाना हुए थे. उनका सपना बचपन से ही वायुसेना में जाने का था और उन्होंने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया था. उनके मौसा रिटायर्ड कैप्टन नरेंद्र कुमार सहित अन्य परिजनों ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए उन्हें जल्द ही अमेरिका भी जाना था.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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