तेज हवा और बारिश के साथ गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच संचालित नाव फेरी सेवा को प्रभावित कर दिया है. नदी में बढ़ते जलस्तर और मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए घाट संचालकों ने फिलहाल नावों का परिचालन बंद कर दिया है. नाव सेवा बंद होने से गंगा के दोनों किनारों पर सैकड़ों यात्री फंस गए हैं. रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नदी पार करने वाले लोगों के साथ किसान, दूध विक्रेता, छोटे कारोबारी और अन्य यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.
तेज हवा में नाव चलाना हुआ जोखिमपूर्ण
बताया जाता है कि तेज हवा और बारिश के कारण गंगा में लहरों का दबाव बढ़ गया है. ऐसे मौसम में नावों का परिचालन जोखिमपूर्ण माना जा रहा है. किसी संभावित अनहोनी को देखते हुए गोगरी अनुमंडल प्रशासन की ओर से भी एहतियात बरतने और सुरक्षित परिचालन को लेकर निर्देश दिए गए हैं. इसी के मद्देनजर फिलहाल फेरी सेवा रोक दी गई है.
रोजाना आवाजाही करने वालों की बढ़ी परेशानी
अगुवानी और सुल्तानगंज के बीच नाव सेवा स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही का महत्वपूर्ण साधन है. सेवा बंद होने के कारण दोनों ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. किसान और दूध विक्रेता अपने काम के लिए नियमित रूप से नदी पार करते हैं. छोटे कारोबारी भी नाव सेवा पर निर्भर हैं. इसके अलावा बैंकिंग, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए प्रतिदिन आवाजाही करने वाले आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों की परेशानी भी बढ़ गई है.
जरूरी काम से निकलने वालों के सामने संकट
नाव परिचालन बंद होने से कई लोगों को अपने जरूरी काम टालने पड़ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम खराब होने और गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बीच सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए. हालांकि, जरूरी आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन को सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए.
बड़ी और सुरक्षित नाव चलाने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गंगा की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए. इसके बाद प्रशासनिक निगरानी में बड़ी और सुरक्षित नावों का परिचालन शुरू कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके. लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सीमित और नियंत्रित परिचालन से यात्रियों की परेशानी कम की जा सकती है.
नदी की स्थिति के बाद ही लिया जाएगा फैसला
हालांकि, नाव सेवा दोबारा शुरू करने का अंतिम निर्णय प्रशासन को नदी की स्थिति, मौसम और सुरक्षा मानकों का आकलन करने के बाद ही लेना होगा. फिलहाल तेज हवा, बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नावों का परिचालन बंद रखा गया है. प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
