khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित सियादतपुर अगुवानी पंचायत के उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया. भारी बारिश के बावजूद देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. हजारों दीपों की रोशनी, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा गंगा तट आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा.
गुरु पूर्णिमा की शाम खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित सियादतपुर अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा घाट पर आस्था और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी. देर रात तक चले भव्य गंगा महाआरती कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और मां गंगा के जयघोष से पूरा तट गुंजायमान हो उठा.
शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जब हजारों दीप एक साथ प्रज्वलित हुए, तो उत्तरवाहिनी गंगा का तट दीपों की स्वर्णिम आभा से आलोकित हो उठा. श्रद्धालुओं ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव बताया.
वैदिक विधि-विधान से हुआ मां गंगा का पूजन
महाआरती से पहले पंडित प्रवीण झा, आचार्य चमन सिंह, रिंकी कुमारी और हरिशंकर चौधरी ने वैदिक परंपरा के अनुसार मां गंगा का पूजन कराया. इसके बाद बाबा वैद्यनाथ धाम से आए आचार्यों ने पारंपरिक शैली में गंगा महाआरती संपन्न कराई.
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भक्ति-भाव से मंत्रोच्चार और आरती में शामिल रहे. कई परिवारों ने दीपदान किया और मां गंगा से अपने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की.
बारिश भी नहीं रोक सकी श्रद्धालुओं की आस्था
कार्यक्रम के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ. महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में घाट पर मौजूद रहे. देर रात तक लोग आरती, भजन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते रहे.
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उत्तरवाहिनी गंगा तट पर आयोजित महाआरती हर वर्ष श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है और क्षेत्र की धार्मिक पहचान को मजबूत बनाती है.
प्रशासन ने बताया सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
कार्यक्रम में मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार पंडित और अंचलाधिकारी हरिनाथ राम ने कहा कि गंगा महाआरती हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है. ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश रहती है कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए.
प्रत्येक पूर्णिमा पर हो रही महाआरती से बढ़ रही धार्मिक पहचान
भाजपा नेता चमन सिंह ने कहा कि परबत्ता विधायक बाबूलाल सौर्य के प्रयास से प्रत्येक पूर्णिमा पर आयोजित होने वाली गंगा महाआरती ने अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा घाट को नई धार्मिक पहचान दिलाई है. इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है.
कार्यक्रम में पूर्व मुखिया पवन चौधरी, मुखिया देवेंद्र शर्मा उर्फ भुटन शर्मा, मनोज चौधरी, रुपेश कुमार उर्फ पिंटू, ज्ञानशंकर, राजीव कुंवर सहित कई जनप्रतिनिधि और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे.
khagaria News: क्यों विशेष माना जाता है उत्तरवाहिनी गंगा घाट
अगुवानी का उत्तरवाहिनी गंगा घाट धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि उत्तर दिशा की ओर बहने वाली गंगा के दर्शन और पूजन से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा, पूर्णिमा, सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
इस वर्ष भी भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि आस्था के सामने मौसम की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं और उत्तरवाहिनी गंगा तट की धार्मिक परंपरा पहले की तरह निरंतर आगे बढ़ रही है.
