कन्या विवाह योजना : पहले आओ, पहले पाओ

प्रतिनिधि, खगडि़याराज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में एक है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना. बिचौलिया से निजात दिलाने के लिए इस योजना को सरकार ने लोक सेवाओं का अधिकार के दायरे में लाया है, ताकि कन्याओं को मिलने वाली राशि पर बिचौलिया की नजर नहीं पड़े. इस योजना को आरटीपीएस के दायरे में लाने के पूर्व […]

प्रतिनिधि, खगडि़याराज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में एक है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना. बिचौलिया से निजात दिलाने के लिए इस योजना को सरकार ने लोक सेवाओं का अधिकार के दायरे में लाया है, ताकि कन्याओं को मिलने वाली राशि पर बिचौलिया की नजर नहीं पड़े. इस योजना को आरटीपीएस के दायरे में लाने के पूर्व विवाह योजना की राशि के लिए आवेदकों को प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था. जिला पदाधिकारी राजीव रोशन की तत्परता के कारण अब लाभुकों को काफी निजात मिली है. जानकारी के अनुसार डीएम ने लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि लाभुकों को उपलब्ध कराने के लिए एक आदेश जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि अब विवाह योजना की राशि पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर भुगतान की जायेगी. क्या है प्रावधानइस योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक का नाम बीपीएल सूची में होना चाहिए. अगर बीपीएल सूची में आवेदक का नाम नहीं है, तो 60 हजार से कम आय वाले को ही इस योजना का लाभ मिलेगा. लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदक मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का आवेदन भर कर एवं संबंधित कागजात संलग्न कर सिर्फ मुखिया से आवेदन पर अनुशंसा करा कर आरटीपीएस काउंटर पर जमा कर सकते हैं. आरटीपीएस में आवेदन प्राप्त होने पर संबंधित प्रखंड कार्यालय के द्वारा उसे पंचायत सचिव के पास अनुशंसा के लिए भेजा जायेगा. आवेदन स्वीकृत होने पर आवेदक को विवाह योजना की राशि पहले आओ, पहले पाओ के तर्ज पर की जायेगी.

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