खगड़िया : जिले के लिये नवार्ड ने संभाव्यतायुक्त ऋण बजट तैयार किया है. 21 अरब 87 लाख 88 रुपये का बजट तैयार किया गया. यह बजट वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिये तैयार किया गया है. नवार्ड ने एक करोड़ 22 रुपये की वृद्धि के साथ इस जिले ऋण बजट तैयार किया है.
स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी यानी एसएलबीसी तथा अब जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी (डीएलसीसी) से पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है. नवार्ड द्वारा तैयार किये गए संभाव्यतायुक्त ऋण बजट के आधार पर वर्तमान साल के लिये ऋण का टारगेट मिलेगा.
हरेक जिले को ऋण वितरण का लक्ष्य स्टेट बैंकर्स कमेटी मतलब एसएलबीसी के द्वारा दिया जाता है. जिला स्तर पर सभी बैंकों के बीच बांटा जाता है. हर जिले के लिये ऋण बजट नवार्ड द्वारा ही तैयार की जाती है.
यह सिलसिला कई सालों से चलता आ रहा है. पिछले साल भी नवार्ड ने जिले के लिये 20 अरब 65 लाख 17 रुपये का बजट बनाया था. और इस साल इसे बढ़ाकर 21 अरब 65 हजार 17 रुपये का बजट बनाया गया है.
किसानों की होगी बल्ले-बल्ले
बजट बनाने के दौरान कृषि प्रधान इस जिले में कृषि और किसानों का विशेष ख्याल रखा गया है. नवार्ड के डीडीएम अनिल रजक ने बताया कि कुल बजट का 67 प्रतिशत राशि संपूर्ण कृषि क्षेत्र में ऋण के तौर पर वितरन करने का प्रस्ताव बनाया गया है.
पिछले साल कृषि क्षेत्र के लिये करीब 13 अरब 55 करोड़ 49 लाख का बजट तैयार किया गया था. जो कुल बजट का 64.66 प्रतिशत था.
लेकिन इस साल कृषि क्षेत्र के लिये 14 अरब 61 करोड़ 80 लाख रुपये का बजट बनाया गया है. जो कि कुल बजट का 67 प्रतिशत है. कृषि क्षेत्र में भी शामिल केसीसी ऋण को कहीं अधिक तबज्जो दी गई है. डीडीएम के अनुसार 10 अरब 95 करोड़ 44 लाख रुपये सिर्फ केसीसी ऋण के तौर पर बांटने का बजट बनाया है.
जबकि कृषि क्षेत्र में ही शामिल मछली पालन के लिये 785.90 लाख, फॉर्म क्रेडिट के लिये 304.65 लाख, गौ पालन/डेयरी के लिये 4103.63 लाख, मुर्गी पालन 642.44 लाख, बकरी, सुअर पालन के लिये 921.56 लाख, गोदाम कोल्ड स्टोर आदि के लिये 44.25 लाख रुपये का ऋण बजट इस साल के लिये तैयार किया गया है. इसी तरह एमएसएम (रोजगार,कारोबार), शिक्षा, होम, पावर एनर्जी व अन्य क्षेत्र के लिये भी ऋण बजट तैयार किया गया है.
जिले के लिये वित्तीय वर्ष 19-20 का संभाव्यतायुक्त वजट तैयार किया गया है.जो कि 218788.83 लाख रुपये का है.कृषि प्रधान खगड़िया जिले में, कृषि तथा किसानों का विशेष ख्याल रखा गया है.67 प्रतिशत राशि कृषि क्षेत्र में ही ऋण के रुप में बाँटने का वजट बनाया गया है.एसएलबीसी व डीएलसीसी द्वारा स्वीकृति दी जा चुकी है.
अनिल रजक, डीडीएम नवार्ड
