खगड़िया : शहर से सटे गोशाला अखाड़ा में पहलवानी करते करते सन्हौली पंचायत के गुलाबनगर का सोनू चौहान बॉडी बिल्डर बन गया. बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड के तत्वावधान में स्टेट बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में खगड़िया की माटी के इस लाल ने स्टेट में पांचवां स्थान प्राप्त किया है.
स्टेट चैंपियनशिप में गोशाला अखाड़ा से निकला खगड़िया का लाल बना बॉडी बिल्डिंग का बादशाह

स्टेट चैंपियनशिप में गोशाला अखाड़ा से निकला खगड़िया का लाल बना बॉडी बिल्डिंग का बादशाह
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खगड़िया : शहर से सटे गोशाला अखाड़ा में पहलवानी करते करते सन्हौली पंचायत के गुलाबनगर का सोनू चौहान बॉडी बिल्डर बन गया. बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड के तत्वावधान में स्टेट बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में खगड़िया की माटी के इस लाल ने स्टेट में पांचवां स्थान प्राप्त किया है. दुमका में आयोजित 65-70 किलोग्राम वर्ग […]
दुमका में आयोजित 65-70 किलोग्राम वर्ग में गुलाबनगर मोहल्ले के रहने वाले सोनू चौहान ने पांचवां स्थान प्राप्त कर सबको चौंका दिया है. वह देवघर का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. झारखंड में सोनू ने बॉडी बिल्डिंग जैसे क्षेत्र में अपना लोहा मनवा कर खगड़िया का मान बढ़ाया है.
उनकी इस कामयाबी पर गुलाबनगर स्थित उनके घर से लेकर पूरे जिले में खुशी का माहौल है. बता दें कि पृथ्वीचंद्र सिंह व निर्मला देवी के पुत्र सोनू चौहान के लिये यह उपलब्धि हासिल करना इतना आसान नहीं था लेकिन जज्बे और जिद के दम पर संघर्ष की बदौलत सोनू ने इसे कर दिखाया है.
सदर प्रखंड में छठ के शुभ अवसर पर लगने वाले गोशाला मेला में कुश्ती के अखाड़े पर सोनू चौहान कई बार अपना दम दिखा कर कई पदक ले चुके हैं. श्री चौहान के पिताजी पृथ्वी चंद सिंह भी पूर्व में गौशाला के अखाड़े पर कुश्ती के पहलवान थे.
अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए सोनू चौहान ने पहलवानी व बॉडी बिल्डिंग को ही अपना जिंदगी का मकसद बना लिया. सोनू चौहान अपनी जीविकोपार्जन के लिए पान का दुकान चलाते हैं. एक पान की दुकान मात्र से उनके पूरे परिवार का भरण पोषण होता है.
माली स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद भी कभी हार नहीं माना और अपने दृढ़ इच्छा शक्ति के दम पर लक्ष्य की ओर बढ़ता रहा. सोनू चौहान के घर में माता पिता सहित दो भाई एक बहन है. पिता के दोनों हाथ टूट जाने के कारण सोनू चौहान को ही सारा समय दुकान चलाने में देना पड़ता है. बावजूद वे बॉडीबिल्डिंग का अभ्यास करने के लिये रात में भी समय जरूर निकाल लेते थे.
ट्रेन दुर्घटना में पैर टूटने के बाद भी नहीं मानी हार
बेगूसराय के साहेबपुर कमाल स्टेशन पर ट्रेन दुर्घटना में सोनू कुमार के पैर की हड्डी दो जगह टूट जाने के बावजूद भी उन्होंने कभी हार नहीं माना. अपने कठोर परिश्रम के बल पर उन्होंने परचम लहराया.
श्री चौहान कुश्ती और बॉडी बिल्डिंग के अच्छे खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे डांसर भी हैं. बिहार के कई जिलों में नृत्य में प्रथम विजेता भी रहे हैं. वर्तमान में गुरु जिम में ये युवाओं की सेहत बनाने के साथ साथ पहलवानी का गुर सिखाते हैं. घर में छोटे-छोटे बच्चों को संगीत का प्रशिक्षण भी देते हैं.