खगड़िया/बेलदौर : कोसी की लाइफलाइन क्षतिग्रस्त डुमरी पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक जुगाड़ पुल संकट में है.कोसी के कटाव से जुगाड़ पुल पर संकट मंडराने लगा है. सोमवार को भी करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा. बाद में रोकथाम के उपाय कर पुल पर परिचालन शुरू किया गया. लगातार कोसी कटाव जारी रहने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खगड़िया/बेलदौर : कोसी की लाइफलाइन क्षतिग्रस्त डुमरी पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद वैकल्पिक जुगाड़ पुल संकट में है.कोसी के कटाव से जुगाड़ पुल पर संकट मंडराने लगा है. सोमवार को भी करीब दो घंटे तक आवागमन ठप रहा. बाद में रोकथाम के उपाय कर पुल पर परिचालन शुरू किया गया.
लगातार कोसी कटाव जारी रहने से संभावित खतरे से नाव पुल संचालक समेत राहगीरों की चिंता बढ़ने लगी है. सोमवार की सुबह कोसी कटाव से जुगाड़ के करीब 10 फीट एप्रोच कटने से करीब दो घंटे तक पुल पर आवागमन ठप रहा है . लेकिन अपने नुकसान की भरपाई एवं लोगों को आवागमन संकट से निजात दिलाने के लिये नाव पुल संचालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
जेसीबी से जुगाड़ पुल बचाने की कोशिश
जेसीबी की मदद से जुगाड़ पुल के चचरी को उठाकर इसके नीचे सैंड बैंक का क्रेटिंग कर पुल को दुरुस्त किया. इस दौरान पुल के दोनों छोर पर दो घंटों तक यात्री जुगार पुल दुरूस्त होने का इंतजार करता रहा. डुमरी पुल के समानांतर करीब 80 नावों को जोड़कर दो पार्ट में जुगाड़ पुल का निर्माण इसके संचालकों ने किया है. जुगाड़ के दोनों भाग के बीच नदी के सूखे भाग में करीब 600 फीट मिट्टी भराई कर एप्रोच पथ बनाया गया.
घाट के दोनों छोर पर कटाव तेज
कोसी नदी में लाल पानी समय पूर्व गिरने से इसके जलस्तर मे बीते एक पखवारे से इसके जलस्तर में लगातार बढोतरी ने एप्रोच पथ समेत घाट के दोनों छोर पर कटाव तेज हो गया है. जिसके कारण जुगाड़ पुल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं . बीते वर्ष 26 मई को नदी के जलस्तर में बढोतरी से संभावित खतरे को भांप जिला प्रशासन ने जुगाड़ पुल पर हो रहे परिचालन को बंद करवा दिया था. हालांकि जुगाड़ पुल संचालक रोहिण सहनी ने बताया कि नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देख इस माह के अंत तक सफलतापूर्वक जुगाड़ पुल पर परिचालन कराया जा सकता है.
कटाव रोकने के लिए सैंड बैग तैयार
करीब दो फीट ऊंचाई तक एप्रोच पथ को कटाव से बचाने के लिए प्रर्याप्त संख्या में सैंड बैग ईकट्ठा कर लिया गया है. लगातार मजदूर की टीम निरोधात्मक कार्य में जुटे रहते हैं. लेकिन कोसी के मिजाज का कोई ठिकाना नही है. लाल पानी नदी के उतरने के बाद जुगाड़ पुल सेवा ठप होने का काउंटडाउन शुरू हो गया है .इससे लोगों में घाट बाट की संभावित परेशानी की चिंता अभी से सताने लगी है.