खगड़िया : सरकारी राशि से आम लोगों के लिए लगने वाले चापाकल में गड़बड़ी की बातें सामने आई है. चापाकल लगाए बिना ही योजना का एमबी भी बुक हो गया और अभिकर्ता ने राशि भी निकाल ली. जांच में मामला सत्य पाए जाने के बाद इस मामले में कार्रवाई तो की गयी. लेकिन यहां यह […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खगड़िया : सरकारी राशि से आम लोगों के लिए लगने वाले चापाकल में गड़बड़ी की बातें सामने आई है. चापाकल लगाए बिना ही योजना का एमबी भी बुक हो गया और अभिकर्ता ने राशि भी निकाल ली. जांच में मामला सत्य पाए जाने के बाद इस मामले में कार्रवाई तो की गयी. लेकिन यहां यह साफ हो गया कि जिले में किस प्रकार सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा का खेल चल रहा है.
बताया जाता है कि पांच वर्ष पूर्व सरकारी राशि से सदर प्रखंड के गौड़ाशक्ति पंचायत में चापाकल कागज पर लगाए गए थे. योजना की राशि भी निकल गयी. लेकिन किसी को पता तक नहीं था कि यहां चापाकल गाड़ने के नाम पर अभियकर्ता ने रुपये उठाये है. अधिकारी भी क्रॉस चेक तक मुनासिब नहीं समझा.
आदेश पर हुई जांच
शिकायकर्ता ज्ञान प्रकाश की शिकायत व पीजीआरओ संजीव चौधरी ने आदेश के बाद बीडीओ ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया. सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने शिकायकर्ता के आरोप को सही बताते हुए बीडीओ को रिपोर्ट दी. जिसके बाद कार्रवाई की गयी.
जेई पर आरोप गठित
चापाकल लगाए बिना ही फर्जी एमबी बुक करने वाले कनीय अभियंता पर विभागीय कार्रवाई चलेगी. बीडीओ रविरंजन ने इस फर्जीवाड़े के खेल में शामिल रहे कनीय अभियंता ज्ञानेश त्रिपाठी पर प्रपत्र क गठित कर जिलास्तर पर भेजा है.