खगड़िया : लगान (कर) चोरी करने वालों पर विभाग ने शिकंजा कसते हुए सभी जिले के डीएम को पत्र लिखकर कृषि योग्य भूमि का स्वरूप बदल कर इस पर व्यवसाय करने वालों को चिह्नित करने तथा व्यावसायिक भूमि का संपरिवर्तन करने को कहा है. इस संबंध में विभाग के संयुक्त सचिव विनोद कुमार झा ने […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खगड़िया : लगान (कर) चोरी करने वालों पर विभाग ने शिकंजा कसते हुए सभी जिले के डीएम को पत्र लिखकर कृषि योग्य भूमि का स्वरूप बदल कर इस पर व्यवसाय करने वालों को चिह्नित करने तथा व्यावसायिक भूमि का संपरिवर्तन करने को कहा है. इस संबंध में विभाग के संयुक्त सचिव विनोद कुमार झा ने डीएम को पत्र लिखा है.
मिली जानकारी के अनुसार राज्य स्तर पर वित्त मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व वसूली बढ़ाने के लिये गये निर्णय के आलोक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कृषि योग्य जमीन का बिना संपरिवर्तन कराये उस पर व्यवसाय कर, लगान चोरी करने वालों को चिह्नित कर उस जमीन का संपरिवर्तन करने का निर्देश जारी किया है.
अधिनियम की उड़ रही है धज्जियां : कोई भी व्यक्ति कृषि योग्य भूमि का संपरिवर्तन कराये उस जमीन पर व्यवसाय नहीं कर सकता है. इसके लिए राज्य स्तर से गैर कृषि संपरिवर्तन अधिनियम लागू किया गया है. इस अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्र में पांच सौ वर्गफीट से अधिक कृषि योग्य जमीन पर अगर कोर्इ व्यक्ति व्यवसाय आरंभ करते हैं तो इसके लिए उस जमीन का स्वरूप बदलना होगा, यानी संपरिवर्तन कराना होगा, लेकिन इस जिले की स्थिति यह है कि यहां धड़ल्ले से इस अधिनियम की धज्जियां उड़ायी जा रही है.
लग रहा है सरकार को चूना : कृषि योग्य जमीन का बिना संपरिवर्तन कराये गैर कृषि कार्य करने से सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. जानकार बताते हैं कि व्यवसाय करने वाले व्यक्ति इसलिए कृषि योग्य जमीन का कारोबार हेतु संपरिवर्तन नहीं कराते हैं, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं तो उन्हें अच्छी खासी रकम सरकारी खजाने में जमा करना पड़ेगा.