58 गांवों में खुलेगी नयी बैंक शाखा

तैयारी. राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी में एसएलबीए ने सभी बैंकों को दिया लक्ष्य एक बार फिर से सभी बैंकों को पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बैंक की नई शाखा 31 मार्च 2018 तक खोलने का निर्देश एसएलबीसी व वित्त विभाग भारत सरकार ने जारी किया है. खगड़िया : 31 मार्च 2018 तक […]

तैयारी. राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी में एसएलबीए ने सभी बैंकों को दिया लक्ष्य

एक बार फिर से सभी बैंकों को पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बैंक की नई शाखा 31 मार्च 2018 तक खोलने का निर्देश एसएलबीसी व वित्त विभाग भारत सरकार ने जारी किया है.
खगड़िया : 31 मार्च 2018 तक चिह्नित 58 गांवों में बैंकों की नई शाखा खोलने का लक्ष्य है. यह लक्ष्य राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी ने लगभग सभी बैंकों को दिया है. ये ऐसे गांव हैं, जहां की आबादी पांच हजार से अधिक है. बावजूद इन गांवों मेें बैंक की शाखा नहीं है. एक बार फिर से सभी बैंकों को पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में बैंक की नई शाखा खोलने का निर्देश एसएलबीसी व वित्त विभाग भारत सरकार ने जारी किया है. नई शाखा का नाम ब्रिक मोटार्र रखा गया है. यानी इस 58 गांवों में जो नई शाखाएं प्रबंधक के साथ साथ अन्य बैंक कर्मी रहेंगे तथा खातेधारियों को वो तमाम बैंकिंग सुविधाएं मिलेगी. जो अन्य शाखाओं में मिलती है.
बैंक मित्रों पर रखे नजर
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो विभिन्न बैंकों के बैंक मित्रों के कार्यों पर नजर रखने, इनके कार्यों की मॉनीटरिंग करने को भी कहा गया है. यह आदेश शायद इसलिये जारी की गयी है, क्योंकि एसएलबीसी व वित्त विभाग बीसीए के कार्य से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. बता दें कि हर जगह व छोटे छोटे गांव में बैंकों की नई शाखा संभव नहीं है. एसएलबीसी व वित्त विभाग का बैंकों पर यह दबाव रहा है कि लोगों को गांवों में ही बैंकिग सुविधा का लाभ मिले. ऐसा इसलिए कि लेन देन के लिए शहर जाना लोगों के लिए परेशानी की बात है. इसी के मद्देनजर लोगों को बैंकिग सुविधा गांवों में पहुंचाने के लिए बैंक मित्र का चयन किया गया है. फिलहाल जिले के 236 गांवों में बैंक मित्र वहां के लोगों को बैंकिग सुविधा उपलब्ध करा रहे है. प्राय: लोगों को बैंक मित्र से शिकायत रहती है. समय पर निकासी नहीं करने, समय पर बैंक मित्र द्वारा संचालित ग्राहक सेवा केन्द्र नहीं खोले जाने सहित अन्य प्रकार की शिकायतें भी शामिल है. राज्य स्तर से बैंक मित्र के कार्यों पर नजर रखने को कहा गया है ताकि इनके माध्यम से लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके.
बैंकिंग सुविधा की स्थिति
वर्तमान समय में शहर से लेकर गांवों तक अलग अलग बैंकों की 105 शाखाएं हैं. ये शाखाएं सर्वाधिक खगड़िया एवं गोगरी प्रखंड में है. बेलदौर एक अलौली प्रखंड में जनसंख्या के हिसाब से काफी कम है. अगर एसएलबीसी के निर्देश का अनुपालन हुआ तो इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यहां भी बैंक शाखाओं की संख्या पर्याप्त होगी. जिले में एटीएम की संख्या 70 है. अधिकांश एटीएम शहरी क्षेत्र में है. गांव में 236 बैंक मित्र के जरिये ग्राहक सेवा केन्द्र का संचालन हो रहा है. यहां भी हजारों खातेधारी जुड़े हैं. जबकि पीओएस मशीन की संख्या मात्र 234 है. इतने कम मशीन से कैशलेस व्यवस्था को लागू करना दिल्ली पैदल जाने के समान है. इधर सरकार कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए दुकानदारों सहित ग्राहकों को उत्साहित किया जा रहा है. जिससे अधिक से अधिक कैशलेस का कारोबार हो सके.

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