कजराः आये दिन कजरा में अवैध शराब का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है, बिहार में शराबबंदी के बाद तस्करों ने शराब की तस्करी के लिए नित्य नये-नये तरीके अपना रहे हैं. शराब तस्कर तू डाल-डाल मैं पात-पात की नीति अपने धंधे को सुरक्षित करने में लगे हैं. इस मामले में तस्करों का लुका-छिपी का खेल जारी है, जिसका जीता जागता उदाहरण रविवार को कजरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव स्थित सांई मंदिर के सटे जमीन में खोदकर जूट का बोरा में 375 एमएल के लगभग 48 बोतल को पुलिस ने बरामद किया है. उल्लेखनीय है कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद अबैध शराब की खेप कजरा क्षेत्र में जोरों पर है.
शराब की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन बड़ी बड़ी दावा करते हैं लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है. ग्रामीणों की बात मानें तो शराब तस्कर नये-नये तरीके अपनाकर अपना धंधा में दिन दोगुना रात चौगुना की तरह तरक्की कर रहा है, हलांकि अब तक कजरा क्षेत्र में मंदिर जैसे पवित्र स्थानों पर शराब की बरामदगी नहीं हुई थी. ऐसे स्थानों पर विदेशी शराब का बोरा बरामद होने से पुलिस प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गई है. फिलहाल बिहार में पूर्ण शराबबंदी होने के बाद से फिलहाल यह गरीबों से दूर अवश्य हुई है लेकिन सुखी संपन्न लोगों के घरों तक बगैर किसी मेहनत के पहुंचाई जा रही है.
जितनी मुंह उतनी बातें : रविवार को कजरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव स्थित सांई मंदिर निर्माता के भाई युगल तांती ने जब पिछे जमीन में लगा मकई व सब्जी खेत से सब्जी तोड़ने गया तो अचानक उनकी नजर जमीन में गढ्ढ़ा खोदकर एक जुट के बोरा गाड़ा हुआ है जिसे नजदीक से देखने के बाद कुछ समझ नहीं आया और तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी.
