– सरकारी विद्यालयों में शुरू किया गया नामांकन अभियान – बच्चों के स्वागत के लिए विद्यालय में बनेंगे तोरणद्वार कटिहार जिले के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में चालू शैक्षणिक सत्र में नामांकित होने वाले छह से 14 आयु वर्ग के बच्चों के स्वागत के लिए प्रवेशद्वार पर तोरणद्वार बनाया जायेगा. बच्चों का नामांकन कराने आने वाले अभिभावकों का प्रधानाध्यापक स्वागत व सम्मान करेंगे. ऐसे सभी बच्चे जिनकी उम्र छह वर्ष है या अगले छह माह में छह वर्ष पूरी कर लेंगे. उनका स्कूलों में नामांकन कराने की जिम्मेदारी मुखिया और वार्ड सदस्यों की भी होगी. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेन्द्र जिला पदाधिकारी को इस आशय से संबंधित पत्र लिखते हुए अभियान को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिये है. शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने के लिए शिक्षक भी घर-घर जायेंगे. उल्लेखनीय है कि जिले में छह से 14 आयुवर्ग के बच्चों को उनके उम्र के आधार पर कक्षाओं में नामांकन कराने का अभियान एक अप्रैल से चल रहा है. यह अभियान अप्रैल के अंतिम दिन तक चलेगी. डीएम को लिखे पत्र के मुताबिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय के पोषक क्षेत्र का विभाजन कर विद्यालय में पदस्थापित शिक्षकों को बच्चों के नामांकन की जिम्मेदारी सौंपेंगे. शिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, विकास मित्र और टोला सेवक के सहयोग से पोषक क्षेत्र में शिक्षक सभी घरों में जाकर बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन सुनश्चित करेंगे. आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित वैसे बच्चे, जिनकी उम्र छह वर्ष हो गयी है. उनका नामांकन पोषक क्षेत्र के स्कूल में आंगनबाड़ी सेविका कराना सुनिश्चित करेंगी. संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से नामांकन की तिथि तय करते हुए अभिभावकों को सूचित कर नामांकन करायेगी. नामांकन अभियान समाप्त होने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को प्रधानाध्यापक यह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके पोषक क्षेत्र में कोई भी बच्चा अनामांकित नहीं है. नामांकन में मुखिया व वार्ड सदस्यों की भूमिका डीएम को लिखे पत्र में कहा गया है कि ऐसे बच्चे जो आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित नहीं है. उन्हें गृहवार सर्वेक्षण के माध्यम से चिह्नित कर नामांकन के लिए विशेष प्रयास करेंगे. डीएम को लिखे पत्र में अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुसार स्थानीय प्राधिकार यथा पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी चिन्हित बच्चों का नामांकन विद्यालय में किया गया है. प्रधानाध्यापक पोषक क्षेत्र में अवस्थित महादलित टोला के बच्चों के लिए विशेष योजना तैयार करेंगे. स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, विकास मित्र, टोला सेवक एवं आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका के साथ समन्वय करते हुए यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चे विद्यालय में नामांकित रहे. नामांकन के लिए बच्चों का दस्तावेज बनवाने में भी अभिभावकों को मदद करने के लिए निर्देशित किया गया है. विद्यालय आने पर अभिभावकों का करें सम्मान नामांकन अभियान को लेकर जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय. जिससे कि प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चे का विद्यालय में नामांकन के महत्व से परिचित हो सकेंगे. इसके लिए सरकार के सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रभावी उपयोग किया जाय. नामांकन प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने की स्थिति में भी बच्चों का अस्थायी नामांकन सुनिश्चित किया जाय तथा अभिभावकों को दस्तावेज बनवाने मेंसहयोग प्रदान किया जाय. नामांकन माह के दौरान विद्यालयों में अभिभावकों एवं बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था अवश्य की जाय. पीने के पानी एवं परिसर में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध रहे इसकी व्यवस्था प्रधानाध्यापक व प्रभारी शिक्षक द्वारा अवश्य सुनिश्चित किया जाय. बच्चों के नामांकन के लिए आये अभिभावकों का स्वागत एवं मान-सम्मान समुचित ढ़ंग से हो यह प्रधानाध्यापक सुनिश्चित करेंगे. अभिभावक विद्यालय के भैतिक स्थिति से अवगत हों एवं अपने बच्चे के लिए विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से संतुष्ट हो. विद्यालय को पूरी तरह साफ-सुथरा करा लिया जाय. इसमें बाल संसद मीना मंच तथा मध्याह्न भोजन योजना के रसोईयों का सहयोग लिया जाय. रंगोली अथवा स्थानीय सामग्री का उपयोग कर बच्चों के स्वागत के लिए तोरणद्वार का निर्माण किया जा सकता है.
पहल: छात्र-छात्राओं के नामांकन को लेकर मुखिया व वार्ड सदस्य करेंगे सहयोग
पहल: छात्र-छात्राओं के नामांकन को लेकर मुखिया व वार्ड सदस्य करेंगे सहयोग
