– इक्का दुक्का ट्रेन को छोड़ सभी ट्रेनें बंद – लोगों को अब भी है आस क्या कटिहार से कोसी के लिए पहले की तरह चल पायेगी ट्रेन कटिहार कटिहार रेल मंडल में मीटर गेज से ब्रॉड गेज में बदलाव हुए कई वर्ष हो गये. बावजूद कोसी के लिए पैसेंजर ट्रेन नहीं खुलीं. जो एक्सप्रेस ट्रेन चल रही थी उसका भी परिचालन पूर्णतः बंद कर दिया गया. उन बंद ट्रेनों में मात्र एक ट्रेन मनिहारी से जयनगर जानकी एक्सप्रेस परिचालित है. शेष सभी ट्रेनों को बंद कर दिया गया है या फिर उस ट्रेन का नाम बदल दिया गया है लेकिन वह कटिहार तक नहीं आ पा रही है. पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से ही ट्रेनों का परिचालन हो रहा है. कटिहार से कोसी के लिए आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेन व कई एक्सप्रेस ट्रेन थी परिचालित छोटी लाइन से यानी मीटर गेज से बड़ी लाइन ब्रॉड गेज में जब बदलाव किया गया तो लोगों को लगा कि अब इन रूट पर अत्याधिक ट्रेनें चलेंगी. लेकिन लोगों की सोच धरी की धरी रह गयी. जो भी ट्रेन चल रही थी उसे बंद कर दिया गया. कटिहार से सहरसा बनमनखी के लिए कई पैसेंजर ट्रेन पूर्णिया कोर्ट स्टेशन से होकर कोसी के बदला घाट धमारा घाट होते हुए ट्रेन परिचालित थी. इन ट्रेनों में जितने यात्री कोच में सफर करते उतना यात्री ट्रेन के डब्बे के ऊपर सफर करते थे. उन दिनों ट्रेनों का सफर रोमांच भरा होता था.लेकिन छोटी लाइन से बड़ी लाइन में अमान परिवर्तन होते हीं इस रूट की सभी ट्रेनों को बंद कर दिया गया.जी एल एक्सप्रेस, हरिहरनाथ एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, सहित कटिहार से सहरसा एवं कोसी के क्षेत्र में परिचालित सभी ट्रेनों को बंद कर दिया है. इन ट्रेनों में इक्का दुक्का ट्रेन जैसे जानकी एक्सप्रेस मनिहारी से जयनगर तथा हाटे बाजार एक्सप्रेस ट्रेन सप्ताह में तीन दिन पूर्णिया कोर्ट स्टेशन होकर चलती है. धीरे-धीरे रोडसाइड रेलवे स्टेशन की कगार पर कटिहार रेलवे स्टेशन मीटर गेज से ब्रॉड गेज के अमान परिवर्तन के बाद कटिहार वासियों को लगा था कि अब कटिहार रेलवे स्टेशन से कोसी के लिए ट्रेन उपलब्ध होंगे. लेकिन लोगों की सोच धरी की धरी रह गयी. कटिहार से कोसी सहरसा, बनमनखी आदि क्षेत्रों आधा दर्जन ट्रेनों को बंद कर दिया गया. जीएल एक्सप्रेस, हरिहरनाथ एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन पैसेंजर ट्रेन को बंद कर दिया है.अब तो लोगों के मानस पटल से ट्रेन के नाम भी उतर गए. स्थानीय लोगों की माने तो कटिहार रेलवे स्टेशन धीरे-धीरे रोड साइड रेलवे स्टेशन बनकर रह गया है. जनप्रतिनिधियों की भूमिका चुनावी मेनिफेस्टो की तरह है. वादे तो बहुत काम कुछ नहीं. इसलिए कटिहार रेलवे स्टेशन दिनों दिन रोडसाइड स्टेशन की ओर अग्रसर है.
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