कोढ़ा प्रखंड व नगर पंचायत क्षेत्र में पड़ रही भीषण गर्मी अब आपदा जैसी स्थिति पैदा करती दिख रही है. चिलचिलाती धूप व तेज लू ने दिन के साथ-साथ रातों की राहत भी छीन ली है. सुबह 8 बजे के बाद ही सड़कें सुनी हो जाती हैं. लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. इस बार गर्मी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात में भी तापमान कम नहीं हो रहा. आधी रात गुजर जाने के बाद भी उमस व गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल रही. ऊपर से लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है. दिन की बिजली कटौती तो किसी तरह झेल ली जाती है. रात में बिजली गुल होते ही बुजुर्ग, बच्चे और आमलोग बेहाल हो जा रहे हैं. गर्मी और लू का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग पर पड़ा है. ठेला चालक, रिक्शा चालक, खेतों में काम करने वाले मजदूर दोपहर में काम करने से बच रहे हैं. उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है. किसानों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है. मक्का की कटाई का समय होने के बावजूद तेज धूप के कारण खेतों में काम बाधित हो रहा है. भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है. पशु-पक्षी और अन्य जीव-जंतु भी बेहाल नजर आ रहे हैं. जलस्रोत सूखने लगे हैं और खुले में रहने वाले जीवों के लिए हालात और भी गंभीर हो गये हैं. अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो स्थिति और भी विकराल हो सकती है. प्रखंडवासी गर्मी व बिजली संकट की दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं.
लू का कहर: दिन ही नहीं, रातें भी तप रहीं, दगा दे रही बिजली संकट
लू का कहर: दिन ही नहीं, रातें भी तप रहीं, दगा दे रही बिजली संकट
